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राजगीर जू सफारी में गुलाबी ठंड का ‘सनबाथ’: पर्यटकों की भीड़ के बीच बेफिक्र दिखे वनराज

Bihar News: बिहार के राजगीर स्थित वाइल्ड लाइफ जू सफारी इन दिनों पर्यटकों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। जनवरी की गुलाबी ठंड और गुनगुनी धूप का आनंद लेते जंगली जानवरों के विहंगम दृश्य सफारी के आकर्षण को चार चांद लगा रहे हैं।

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Bihar News: बिहार के राजगीर स्थित वाइल्ड लाइफ जू सफारी इन दिनों पर्यटकों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। जनवरी की गुलाबी ठंड और गुनगुनी धूप का आनंद लेते जंगली जानवरों के विहंगम दृश्य सफारी के आकर्षण को चार चांद लगा रहे हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि ये जानवर अब पर्यटकों से इतने सहज हो गए हैं कि पास से गुजरती बसों को नजरअंदाज कर अपनी मस्ती में मशगूल रहते हैं।

नन्हे शावकों और ब्लैक बक ने बढ़ाई सफारी की शान

प्रबंधन की बेहतर देखरेख और अनुकूल जलवायु के कारण यहां जानवरों के कुनबे में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। जानकारी के मुताबिक, दुर्लभ प्रजाति के ब्लैक बक (काला हिरण) और मादा तेंदुए ‘बेतिया’ के दो नन्हे शावकों ने सफारी की रौनक बढ़ा दी है। 4 सितंबर 2023 को जन्मे ये शावक अब इनक्लोजर में अपनी अठखेलियों से सैलानियों का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं। यहां प्रजनन और सफल रेस्क्यू ऑपरेशंस ने राजगीर को जैव विविधता (Biodiversity) का एक सशक्त केंद्र बना दिया है।

मदारी की कैद से आजाद होकर ‘भोला-पवन’ ले रहे हैं धूप का मजा

स्लॉथ प्रजाति के भालुओं की कहानी यहां बेहद खास है। सफारी में मौजूद 10 भालुओं में से कई को तमाशा दिखाने वाले मदारियों से रेस्क्यू कर लाया गया है। ‘भोला, पवन, ब्रज और बुद्धन’ जैसे नर भालू अपनी साथी ‘सुंदरी और नूर’ के साथ अब उन्मुक्त वातावरण में मजे से रह रहे हैं। वहीं, टाइगर सफारी में बाघ ‘बघीरा और अर्जुन’ के साथ मादा ‘स्वर्णा और देवी’ की मौजूदगी पर्यटकों की धड़कनें तेज कर देती है।

आंकड़ों में जू सफारी का बढ़ता कुनबा

राजगीर जू सफारी अब मांसाहारी और शाकाहारी दोनों ही श्रेणियों में समृद्ध हो चुका है:

  • शेर: विशाल (नर) और तीन मादाओं सहित कुल 9 शेर।

  • बाघ: नर और मादा मिलाकर कुल 5 बाघ।

  • तेंदुआ: विराट, लैला और सुल्तान के साथ 2 नए शावक, कुल संख्या 5।

  • भालू: रेस्क्यू किए गए भालुओं सहित कुल 10।

  • हिरण: करीब साढ़े चार सौ से ज्यादा हिरण और 10 दुर्लभ ब्लैक बक।

पंच पर्वतीय श्रृंखलाओं की गोद में बसा यह सफारी न केवल जानवरों का संरक्षण कर रहा है, बल्कि बिहार के पर्यटन मानचित्र पर एक नया इतिहास लिख रहा है।

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