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Ranchi News: पिठोरिया थाना क्षेत्र के बालू पंचायत के एक ग्रामीण राजेंद्र गोप ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रांची को शिकायत पत्र देकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेंद्र गोप का कहना है कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन पर मकान निर्माण करा रहे थे, तभी पिठोरिया थाना के पुलिसकर्मी बिना किसी न्यायालयीय आदेश के निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे और जेल भेजने की धमकी देने लगे। शिकायतकर्ता के अनुसार यह पूरा विवाद स्थानीय भू-माफियाओं के इशारे पर रचा गया है, जो वर्षों से उनकी जमीन पर कब्जा जमाने का प्रयास करते रहे हैं।
शिकायत पत्र में बताया गया है कि राजेंद्र गोप के पिता के नाम से दर्ज खाता नंबर 03, प्लॉट नंबर 09, रकबा 01 एकड़ 05 डिसमिल की जमीन वर्ष 1970 से उनके परिवार के कब्जे में है। परिवार के सदस्य आपसी हिस्सेदारी के अनुसार इस भूमि का उपयोग करते रहे हैं। राजेंद्र गोप ने आरोप लगाया कि कुछ भू-माफिया किस्म के लोग लगातार उनके निर्माण कार्य में बाधा डालते रहे हैं और अब पुलिस की मदद से उन पर दबाव बनाकर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
घटना 29 नवंबर 2025 की बताई गई है, जब वे निर्माण कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान थाना प्रभारी के निर्देशन में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्य रोकने के साथ-साथ उन्हें थाने आने का मौखिक आदेश दिया। राजेंद्र गोप के अनुसार जब उन्होंने कारण पूछा तो पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि अगर वे काम जारी रखेंगे तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। शिकायतकर्ता का कहना है कि न तो किसी पक्ष ने उनके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज कराई है और न ही किसी अदालत द्वारा कार्य रोकने का कोई आदेश जारी हुआ है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा लगातार दबाव और धमकी दी जा रही है।
राजेंद्र गोप ने यह भी बताया कि 1 दिसंबर 2025 को दोबारा पुलिस मौके पर पहुंची और उनके भाई समेत अन्य लोगों को थाने ले जाने की कोशिश की। ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस वापस लौटी। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह पूरी कार्रवाई भू-माफियाओं के दबाव में की जा रही है।
ग्रामीण ने एसएसपी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्र्वाई और सुरक्षा की मांग की है। साथ ही मामले की प्रति पुलिस महानिरीक्षक, उपायुक्त और अन्य वरिय अधिकारियों को भी भेजी गई हैं। इस सम्बन्ध में पिठोरिया थाना प्रभारी सतीश पांडे से पक्ष लेने के लिए उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने मामले पर अनभिज्ञता जाहिर की और स्पष्ट रूप से कहा की इस मामले की मुझे कोई जानकारी नहीं है
इसे थाना के कर्मी सुनिल दास देख रहे है। मैं पूरे मामले की जानकरी लेकर आपको अवगत कराता हूँ हालांकि देर रात खबर लिखें जाने के बावजूद भी उन्होंने इस सम्बन्ध में कोई जानकरी साझा नहीं की इधर, स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिठोरिया थाना पुलिस भू- माफियाओं के साथ मिलकर जमीन की खरीद बिक्री और कब्ज़ा दिलाने में लगी है नियमको ताख पर रख कर और वर्दी का रौब जमाकर भोले भले ग्रामीणों की निजी भूमि पर सेंधमारी कर रही है जबकि माननीय न्यायालय नें पुलिस कार्मियों को जमीन कब्ज़ा से दूर रहने के स्पष्ट निर्देश दिए है उन्होंने यह भी आरोप लगाया की विभिन्न त्योहारों में आयोजित होने वाली शांति समिति की बैठक में ज्यादातर स्थनीय भू-माफिया ही शामिल और हावी रहते है
जबकि उपायुक्त रांची मंजू नाथ भजन्त्री नें जिले के सभी थानो को स्पष्ट निर्देश दिया है की शांति समिति में स्वछ छवि वाले समाज सेवी, शिक्षाविद, युवा एवं महिलाओं को शामिल किया जाये और उनकी ही उपस्थिति में सर्वमान्य निर्णय लिए जाये लेकिन पिठोरिया थाना में इन सभी चीजों का आभाव देखा जाता है।

