रांची: झारखंड की सियासत में एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों ने उबाल ला दिया है। सोमवार को झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राजभवन जाकर राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने रांची वन प्रमंडल के तत्कालीन डीएफओ (DFO) और वर्तमान में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सर्वेसर्वा राजीव लोचन बख्शी (IFS) के खिलाफ गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और राजकोष की सुनियोजित लूट का आरोप लगाते हुए एक ज्ञापन सौंपा।

मस्टर रोल में ‘व्हाइटनर’ और ‘इरेजर’ का खेल

बाबूलाल मरांडी ने महालेखाकार (AG) की ऑडिट रिपोर्ट का हवाला देते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि मात्र 95 मस्टर रोल्स की जांच में ही एक करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध भुगतान पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन मस्टर रोल्स पर मजदूरों के न तो हस्ताक्षर हैं और न ही अंगूठे के निशान। रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ करने के लिए धड़ल्ले से ‘व्हाइटनर’ और ‘इरेजर’ का इस्तेमाल किया गया है। सरकारी निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए मजदूरों को भुगतान बैंक खातों के बजाय नकद दिखाया गया है। मरांडी ने दावा किया कि यह तो केवल बानगी है, यदि हजारों मस्टर रोल्स की सघन फॉरेंसिक जांच हो, तो करोड़ों का घोटाला सामने आएगा।

नियमों को ताक पर रखकर ‘विशिष्ट सेवा-प्रदाता’ बनने का आरोप

राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में नेता प्रतिपक्ष ने कड़े शब्दों में लिखा कि राजीव लोचन बख्शी की कार्यशैली नियमों के पालन के बजाय राजनीतिक आकाओं को ‘विशिष्ट सेवा’ देने की रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी राजनीतिक संरक्षण के कारण वे आज भी महत्वपूर्ण पदों पर काबिज हैं। बाबूलाल ने ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया और कहा कि डीएफओ स्तर पर ही फाइलों को निपटाने के लिए नियमों को तोड़ा गया, जिससे सरकार को 46 लाख से अधिक के राजस्व की क्षति हुई।

करोड़ों के अग्रिम का हिसाब गायब

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि कैम्पा (CAMPA) मद के तहत रेंजर्स को दिए गए लगभग 8.53 करोड़ रुपये के अग्रिम का लेखा-जोखा ऑडिट टीम से छिपाया गया। साथ ही, 1.80 करोड़ की सामग्री खरीद के मूल वाउचर भी उपलब्ध नहीं कराए गए। बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल से आग्रह किया है कि राजीव लोचन बख्शी के कार्यकाल के दौरान हुए इन तमाम प्रकरणों की किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच और फॉरेंसिक ऑडिट कराई जाए, ताकि सच जनता के सामने आ सके।

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