रामगढ़: स्थानीय बाजार समिति क्षेत्र से मिलावटखोरी और नकली उत्पादों की बिक्री का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां स्थित कई नामी प्रतिष्ठानों में धड़ल्ले से ऐसे अमानक उत्पाद बेचे जा रहे थे, जिन पर न तो मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) की तारीख अंकित थी और न ही उनके खराब होने यानी एक्सपायरी की तिथि दर्ज थी। ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ कर मुनाफा कमाने के लिए दुकानदार नए-नए हथकंडे अपना रहे थे। इस गंभीर खेल का भंडाफोड़ तब हुआ जब राज्य के खाद्य सुरक्षा कमिश्नर के सख्त निर्देश पर विभाग की टीम ने बाजार समिति की कई दुकानों का अचानक औचक निरीक्षण किया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीम ने मंगलवार को रामगढ़ बाजार समिति परिसर में औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई से दुकानदारों और व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया। टीम ने एक-एक कर क्षेत्र की प्रसिद्ध दुकानों, जिनमें पूजा गल्ला भंडार, बालाजी ट्रेडर्स, ओम ट्रेडिंग कंपनी, बंसल ट्रेडिंग कंपनी, श्री कृष्णा ट्रेडिंग कंपनी और मिथिला ट्रेडिंग शामिल हैं, की सघन जांच की।
बिना तारीखों का मिला 117 लीटर सरसों तेल
इस औचक निरीक्षण के दौरान ‘पूजा गल्ला भंडार’ नामक दुकान में भारी गड़बड़ी पाई गई। दुकान के स्टॉक से कुल 117 लीटर ‘प्रताप ब्रांड’ का सरसों तेल बरामद किया गया। हैरान करने वाली बात यह थी कि तेल के इन पैकेटों या डिब्बों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट का कोई अता-पता नहीं था। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस पूरे स्टॉक को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया है। साथ ही, जब्त किए गए सरसों तेल के सैंपल लेकर उसे गहन रासायनिक जांच के लिए रांची स्थित प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
लाइसेंस और पेस्ट कंट्रोल की भी हुई जांच
कार्रवाई के दौरान पूजा गल्ला भंडार के अलावा अन्य चिन्हित दुकानों में भी कई ऐसे संदिग्ध उत्पाद पाए गए, जिन पर अनिवार्य तिथि की जानकारियां गायब थीं। जांच दल ने सिर्फ उत्पादों की ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक नियमों की भी बारीकी से पड़ताल की। टीम ने सभी प्रतिष्ठानों के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस, अनिवार्य पेस्ट कंट्रोल (कीटनाशक नियंत्रण) की रसीदें और साफ-सफाई के मानकों की गहराई से जांच की।
इस महत्वपूर्ण और औचक कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डेरिग तिग्गा, लोकेश रवानी और स्थानीय रामगढ़ थाना के पुलिस पदाधिकारी व जवान मुस्तैदी से शामिल रहे। विभाग के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रांची से जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कड़ा सबक मिल सके।




