चैनपुर प्रखंड की बेंदोरा पंचायत में मनरेगा के तहत संचालित कूप निर्माण योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लाखों रुपये की निकासी और पोर्टल पर योजनाओं को पूर्ण दिखाए जाने के बावजूद कई कूप आज भी अधूरे पड़े होने का आरोप लगाया जा रहा है। मामले में सबसे बड़ा सवाल जांच प्रक्रिया को लेकर खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन कूप योजनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वे वर्ष 2021-22 में संचालित हुई थीं। उस दौरान चैनपुर में ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर (BPO) के पद पर संदीप उरांव कार्यरत थे। अब जब मामला चर्चा में आया और शिकायतें बढ़ीं तो प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा ने जांच टीम का गठन कर दिया, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार जांच की जिम्मेदारी भी संदीप उरांव को ही सौंप दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला कई सवाल खड़े करता है। उनका तर्क है कि जिन योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी के दौरान संबंधित अधिकारी पदस्थापित थे, उसी अधिकारी को जांचकर्ता बना देना निष्पक्ष जांच की भावना पर प्रश्नचिह्न लगाता है। ग्रामीण खुले तौर पर कह रहे हैं कि “दूध की रखवाली बिल्ली को सौंप दी गई है।” ग्रामीणों का आरोप है कि कई लाभुकों के कूप निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं, जबकि मनरेगा पोर्टल पर उन्हें पूर्ण (Completed Work) दिखाया गया है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जमीनी हकीकत और सरकारी रिकॉर्ड में इतना बड़ा अंतर कैसे है। ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा के निर्णय पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि प्रशासन वास्तव में सच सामने लाना चाहता है तो जांच किसी स्वतंत्र अधिकारी या जिला स्तरीय टीम से कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि संबंधित अवधि से जुड़े अधिकारी को जांच सौंपने से जांच की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों और लाभुकों ने उपायुक्त गुमला से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, सभी कूप योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराने तथा दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है। बताते चले कि संदीप उराँव मुख्यतः डुमरी प्रखंड में कार्यरत है परंतु अतिरिक्त प्रभार में चैनपुर देख रहे है उनके प्रभार को लेकर पहले भी प्रखंड उप प्रमखु एवं कई जनप्रतिनिधियों ने स्थान्तरण का खुल कर विरोध किया था l और DC गुमला को आवेदन भी दिया था परंतु कोई कार्यवाही नही हुए। अब देखना है कि कितने योजनाओ की जाँच होती हैं और किन किन पर कार्यवाही होती है???
मनरेगा कूप घोटाले की जांच पर सवाल: जिनके कार्यकाल में हुआ खेल, उन्हीं BPO को सौंप दी गई जांच!
गुमला चैनपुर में मनरेगा कूप योजनाओं को लेकर बढ़ा विवाद, उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज




