World News: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘नेक्स्ट टाइम इन मॉस्को’ कहते हुए अंग्रेजी में न्यौता दिया। पुतिन आमतौर पर रूसी भाषा बोलते हैं और भाषणों में दुभाषियों का सहारा लेते हैं। ऐसे में उनका अंग्रेजी का इस्तेमाल अचानक से सुर्खियों में आ गया। यह छोटा-सा वाक्य केवल निमंत्रण नहीं था, बल्कि राजनीति के पन्नों में दर्ज होने वाला पल था। एक तरफ पुतिन का अंग्रेजी बोलना, दूसरी तरफ ट्रंप का सहज अंदाज, इन 2 बातों नेइंटरनेशनल मीडिया को खूब मसाला दिया। लोग यह जानने को उत्सुक हो गए कि आखिर पुतिन कितनी भाषाएं जानते हैं और क्या वे वास्तव में अंग्रेजी बोलते हैं या सिर्फ फॉर्मेलिटी निभाते हैं?

बता दें कि रूस और अमेरिका की राजनीति अक्सर सुर्खियों में रहती है। कभी हथियारों की होड़, कभी यूक्रेन पर टकराव और कभी व्यक्तिगत बयान। हर बार दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच मुलाकातें चर्चा का विषय बन जाती हैं। हाल में भी ऐसा ही हुआ। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मातृभाषा रूसी है। इसलिए वे स्वाभाविक रूप से इसमें पूरी तरह पारंगत हैं। इसके अलावा पुतिन जर्मन भाषा भी धाराप्रवाह बोल लेते हैं। दरअसल, 1980 के दशक में केजीबी अधिकारी के तौर पर वह ड्रेसडेन (पूर्वी जर्मनी) में तैनात रह चुके हैं। वहां रहकर उन्होंने जर्मन को इतनी अच्छी तरह सीखा कि वे आज भी जर्मन पत्रकारों के साथ डायरेक्ट बातचीत कर सकते हैं।

अंग्रेजी की बात करें तो पुतिन इसे समझने में काफी सक्षम हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि वे कई बार दुभाषियों तक को सुधार देते हैं। पुतिन औपचारिक मंचों पर अंग्रेजी का प्रयोग कम करते हैं और अक्सर अनुवादक पर निर्भर रहते हैं। लेकिन इनफॉर्मल पलों में पुतिन अंग्रेजी बोलकर माहौल को सहज बनाने की कोशिश करते हैं। पुतिन का ट्रंप से नेक्स टाइम इन मॉस्को कहना एक हल्की-फुल्की दोस्ताना टिप्पणी हो सकती है। उन्हें डायरेक्ट कनेक्शन यानी बिना दुभाषिए के सीधे अपना संदेश देना ज्यादा प्रभावी लगा होगा। साथ ही उन्होंने पूरी दुनिया को अपनी एक और स्किल- यानी अंग्रेजी भाषा पर पकड़ की झलक भी दिखा दी।

ट्रंप की बात करें तो मामला बिल्कुल साफ है। वे केवल अंग्रेजी भाषा जानते हैं और इसी में सहज रहते हैं। न तो वे दूसरी भाषाओं में बातचीत करते हैं और न ही किसी इंटरव्यू में इसका दावा करते हैं। हां, कभी-कभी मजाक में उन्होंने कहा है कि उन्हें कुछ शब्द स्पेनिश या फ्रेंच के आते हैं, लेकिन उन्होंने ज्ञान के तौर पर इसकी आजमाइश अभी तक नहीं की है। इसका मतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भाषाई मामले में पुतिन से पीछे हैं। उनका दायरा अंग्रेजी भाषा तक ही सीमित है।

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