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पुतिन बोले- भारत पर दबाव नहीं चलता, अमेरिका की कोशिशें नाकाम

Saint Petersburg, (Russia): रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच से पहले मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान भारत-रूस संबंधों और वैश्विक राजनीति पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने भारत को रूस का विश्वसनीय साझेदार बताया और कहा

रुस के सेंट पीटसबर्ग में राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच की बैठक से पहले मीडिय के प्रतिनिधियों से बात करते हुए।
रुस के सेंट पीटसबर्ग में राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच की बैठक से पहले मीडिय के प्रतिनिधियों से बात करते हुए।

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Saint Petersburg, (Russia): रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच से पहले मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान भारत-रूस संबंधों और वैश्विक राजनीति पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। इस दौरान उन्होंने भारत को रूस का विश्वसनीय साझेदार बताया और कहा कि बाहरी दबाव भारत की नीतियों को प्रभावित नहीं कर सकता।

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भारत को बताया भरोसेमंद साझेदार

पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत रणनीतिक संबंध रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों की साझेदारी आपसी विश्वास और साझा हितों पर आधारित है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि रूस और भारत के रिश्तों को कमजोर करने के लिए किए जा रहे बाहरी प्रयास सफल नहीं हो रहे हैं।

अमेरिका को लेकर क्या बोले पुतिन?

मीडिया से बातचीत के दौरान पुतिन ने कहा कि कुछ शक्तियां रूस से भारत को दूर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन ऐसे प्रयास प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं। उनके अनुसार, भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के आधार पर फैसले लेता है और किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकने वाला देश नहीं है।

पीएम मोदी की सराहना

पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से विकसित हो रही प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और उसकी वैश्विक भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। रूसी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि भारत और रूस के संबंध भविष्य में भी मजबूत बने रहेंगे।

आर्थिक मंच से दिया वैश्विक संदेश

यह बातचीत सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) से पहले हुई, जो रूस का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और कूटनीतिक मंच माना जाता है। इस मंच पर पुतिन की टिप्पणियों को अक्सर रूस की विदेश नीति, आर्थिक रणनीति और वैश्विक दृष्टिकोण के संकेत के रूप में देखा जाता है।

वैश्विक राजनीति में बढ़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का यह बयान केवल भारत-रूस संबंधों तक सीमित नहीं है। यह रूस और पश्चिमी देशों के बीच जारी राजनीतिक तनाव तथा कूटनीतिक प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाता है। पुतिन के इस संदेश से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि रूस भारत को अपनी विदेश नीति और रणनीतिक साझेदारी में महत्वपूर्ण स्थान देता है और दोनों देशों के संबंधों को बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होने देना चाहता।

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