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पैगम्बर मोहम्मद ﷺ ने कहा ज्ञान प्राप्त करना हर स्त्री और पुरुष पर अनिवार्य

Ranchi : ईद-ए-मिलादुन्नबी हमें पैगम्बर मोहम्मद ﷺ के जीवन और उनकी महान शिक्षाओं को याद करने का अवसर देता है। पैगम्बर-ए-इस्लाम ने हमेशा शिक्षा को मानव जीवन का मूल आधार बताया। उन्होंने कहा कि “ज्ञान प्राप्त करना हर स्त्री और पुरुष पर अनिवार्य है।” यह

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Ranchi : ईद-ए-मिलादुन्नबी हमें पैगम्बर मोहम्मद ﷺ के जीवन और उनकी महान शिक्षाओं को याद करने का अवसर देता है। पैगम्बर-ए-इस्लाम ने हमेशा शिक्षा को मानव जीवन का मूल आधार बताया। उन्होंने कहा कि “ज्ञान प्राप्त करना हर स्त्री और पुरुष पर अनिवार्य है।” यह संदेश उस समय क्रांतिकारी था जब शिक्षा का अधिकार केवल कुछ वर्गों तक सीमित था।

पैगम्बर ﷺ ने शिक्षा को केवल धार्मिक दायरे तक नहीं रखा, बल्कि उन्होंने इसे जीवन के हर क्षेत्र से जोड़ा। उनका मानना था कि शिक्षा इंसान को अज्ञानता से निकालकर जागरूकता की ओर ले जाती है। ज्ञान से ही इंसान न्यायप्रिय, करुणामय और समानता का पक्षधर बन सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज की प्रगति और सभ्यता का उत्थान तभी संभव है जब स्त्रियों और पुरुषों, दोनों को शिक्षा का समान अवसर मिले।

डॉ जमाल अहमद

आज के दौर में उनकी यह शिक्षा और भी प्रासंगिक है। जब समाज कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब शिक्षा ही वह साधन है जो कट्टरता को मिटाकर आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत कर सकती है। पैगम्बर ﷺ का जीवन इस बात का उदाहरण है कि शिक्षा के बिना इंसान न तो अपने अधिकारों को समझ सकता है और न ही दूसरों के अधिकारों की रक्षा कर सकता है।

इसलिए हमें इस मुबारक दिन (ईद-ए-मिलादुन्नबी) पर संकल्प लेना चाहिए कि हम शिक्षा के प्रकाश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाएँगे और ज्ञान, प्रेम तथा मानवता के आधार पर एक मजबूत, प्रगतिशील और एकजुट राष्ट्र का निर्माण करेंगे।

डॉ जमाल अहमद की कलम से
सदस्य, झारखंड लोक सेवा आयोग

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