Bokaro: बालीडीह थाना क्षेत्र स्थित बीएमडब्ल्यू (BMW) प्लांट से रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के बहुचर्चित मामले का बोकारो पुलिस ने पूरी तरह खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस रंगदारी कांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान गैंग के एक प्रमुख सहयोगी को धर दबोचा है। पुलिस अनुसंधान में यह बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार सीधे विदेशों में बैठे प्रिंस खान के संपर्क में था। उसी के इशारे पर हाथों से धमकी भरा पर्चा लिखकर कंपनी प्रबंधन के बीच दहशत फैलाने की यह खौफनाक साजिश रची गई थी। हैरान करने वाली बात यह है कि इस काम के एवज में शूटर या सहयोगी को कुल डेढ़ लाख रुपये की मोटी रकम दी गई थी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसी साल 12 मार्च 2026 को बीएमडब्ल्यू प्लांट के मैनेजर सुरेश कुमार सिंह ने बालीडीह थाना में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम पर फैक्ट्री चलाने के एवज में भारी-भरकम रंगदारी मांगी जा रही है और रकम न देने पर प्लांट को उड़ाने व गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। मानवीय इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए एसआईटी ने आखिरकार राकेश कुमार को दबोच लिया।
कड़ी पूछताछ में आरोपी राकेश ने पुलिस के सामने कबूल किया कि वह प्रिंस खान के अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर के जरिए सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था। प्रिंस खान के हुक्म पर ही उसने खुद अपने हाथों से रंगदारी मांगने वाला पर्चा लिखा और उसे प्लांट के पास छोड़कर भाग गया था। दहशत का माहौल बनाने के लिए बाद में उसी पर्चे का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया ताकि कंपनी प्रबंधन दोबारा डर जाए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पैसों के लेन-देन को लेकर भी बड़ा खुलासा किया है। उसने बताया कि इस काम को अंजाम देने के बदले उसके बैंक खाते में एक लाख और पचास हजार रुपये की दो अलग-अलग किस्तों में कुल डेढ़ लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी ने खुद को बोकारो इलाके में प्रिंस खान गैंग का सबसे मुख्य और सक्रिय हैंडलर बताया है, जो यहां गैंग के नेटवर्क को फैलाने का काम देख रहा था। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया रेडमी-8 मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। फिलहाल आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि पुलिस अब इस गैंग के वित्तीय लेन-देन (टेरर फंडिंग) और अन्य मददगारों की कड़ियों को खंगालने में जुटी है।



