New Delhi: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गाजा में जारी मानवीय संकट को लेकर एक लेख लिखते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट में गंभीर निष्कर्ष सामने आने के बावजूद भारत सरकार ने इस मुद्दे पर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं दी।

सोनिया गांधी ने अपने लेख में दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की जून 2026 की रिपोर्ट के अनुसार गाजा में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत और घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और आम नागरिकों पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए भारत सरकार को अधिक सक्रिय रुख अपनाना चाहिए।

गाजा को लेकर केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

सोनिया गांधी ने अपने लेख में कहा कि गाजा में हजारों बच्चों की मौत और बड़ी संख्या में स्कूलों के नष्ट होने जैसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मानवीय संकट पर स्पष्ट और प्रभावी रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने गाजा और फिलिस्तीन से जुड़े कई मानवीय मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को इस विषय पर अपनी आवाज अधिक मुखर करनी चाहिए। इससे पहले भी वह पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठा चुकी हैं।

भारत की विदेश नीति पर भी चर्चा तेज

सोनिया गांधी के लेख के बाद भारत की विदेश नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। केंद्र सरकार लगातार यह कहती रही है कि भारत की नीति सभी पक्षों के साथ संवाद, शांति और संतुलन पर आधारित है। भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोहराया है कि वह इजरायल और फिलिस्तीन के बीच शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है। सरकार का कहना है कि भारत इजरायल के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखते हुए फिलिस्तीन के लिए मानवीय सहायता और दो-राष्ट्र समाधान की नीति का भी समर्थन करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विभिन्न वैश्विक मंचों पर रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के संघर्षों के दौरान बातचीत और कूटनीतिक समाधान पर जोर देते रहे हैं।

लेख के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

सोनिया गांधी के लेख के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग इसे विपक्ष की सरकार पर विदेश नीति को लेकर आलोचना मान रहा है, जबकि कुछ इसे चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित राजनीतिक रुख बता रहे हैं। वहीं, लेख को लेकर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति जैसे अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर कांग्रेस के रुख को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। इस बीच केंद्र सरकार का कहना है कि उसकी विदेश नीति राष्ट्रीय हितों, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति के सिद्धांतों पर आधारित है।

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