Ranchi: त्याग और बलिदान का पर्व मोहर्रम शनिवार को रांची जिले में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में शहर और आसपास के क्षेत्रों से निकले ताजिया जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरे। सेंट्रल मोहर्रम कमेटी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी अखाड़ों और समितियों ने अपने-अपने खलीफा एवं अध्यक्ष के नेतृत्व में जुलूस निकाला।
मोहम्मद महजूद ने बताया कि सभी जुलूस कमेटी की गाइडलाइन के अनुसार निकाले गए। उन्होंने कहा कि जुलूस के दौरान विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया गया कि एंबुलेंस, जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग के वाहनों का आवागमन किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो। सभी जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से ही निकाले गए और अनुशासन का पूरा पालन किया गया।
जुलूस के दौरान पारंपरिक लाठी, डंडा, भाला, फरसा और तलवार जैसे शस्त्रों का प्रदर्शन किया गया। कई अखाड़ों के युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जिलेभर से निकले छोटे-बड़े ताजिए भी आकर्षण का केंद्र बने।
ताजियों में दिखी धार्मिक आस्था, तिरंगे से झलकी देशभक्ति
इस बार कई अखाड़ों में युवाओं के हाथों में तिरंगा भी नजर आया। जुलूस में शामिल लोग देशभक्ति के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। कई अखाड़ों के खलीफाओं ने अपने प्रमुख खलीफा को पारंपरिक सलामी भी दी। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और राष्ट्रीय भावना का भी संदेश देखने को मिला।
इस अवसर पर अकीलुर रहमान, मोहम्मद इस्लाम, जमशेद अली उर्फ पप्पू गद्दी, मोहम्मद महजूद, मोहम्मद महफूज, कादिर गद्दी, रोजन गद्दी, हैदर गद्दी, जमील गद्दी, मोहम्मद आफताब, मोहम्मद तौहीद, मोहम्मद गुड्डू, सलाहुद्दीन संजू, मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद शकील, अय्यूब राजा खान, जय सिंह यादव, सागर कुमार, सागर वर्मा, आलोक कुमार दुबे सहित जिला प्रशासन की पूरी टीम मौजूद रही।
जिला प्रशासन पूरी तरह रहा मुस्तैद
मोहर्रम जुलूस को लेकर रांची जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। निगरानी के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और प्रशासनिक अधिकारी पूरे आयोजन पर लगातार नजर बनाए हुए थे, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
शहर के विभिन्न इलाकों से निकले जुलूस
प्रमुख खलीफा मोहम्मद महजूद ने बताया कि सेंट्रल मोहर्रम कमेटी के सरपरस्त मोहम्मद सईद, तीनों प्रमुख खलीफा और कमेटी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न इलाकों से जुलूस निकाले गए।
हरमू, पहाड़ी टोला, गाड़ीखाना, पुरानी रांची, भीठा, चंदवे, जयपुर, एदलहातू, मोरहाबादी, बरियातू, लालपुर, थड़पखना, हिंदपीढ़ी, सेंट्रल स्ट्रीट, एकरा मस्जिद चौक और कोनका रोड सहित कई क्षेत्रों के जुलूस मेन रोड पहुंचे। वहीं मौलाना आजाद कॉलोनी, कांटाटोली, नयाटोली, पत्थलकुदवा, आजाद बस्ती, कुरैशी मुहल्ला, गुदरी चौक और लोअर बाजार क्षेत्र के जुलूस भी निर्धारित मार्गों से होते हुए शहर के मुख्य मार्गों पर पहुंचे।
इसके बाद अल्बर्ट एक्का चौक, शहीद चौक, श्रद्धानंद रोड, मोर मंदिर, महावीर चौक और अपर बाजार होते हुए सभी जुलूस शांतिपूर्वक अपने-अपने क्षेत्रों में वापस लौट गए।
स्वागत शिविरों में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब
राजधानी रांची में मोहर्रम के अवसर पर सामाजिक सौहार्द की मिसाल भी देखने को मिली। शहर के विभिन्न स्थानों पर दर्जनों स्वागत शिविर लगाए गए, जहां जुलूस में शामिल लोगों का पानी, शरबत, चना, खिचड़ा, जलेबी, फल सहित अन्य खाद्य सामग्री वितरित कर स्वागत किया गया।
नौजवान मोहर्रम कमेटी कपड़ा मंडी, मोहम्मद फरीद खान एंड टीम, रांची महानगर कांग्रेस कमेटी, अंजुमन इस्लामिया अस्पताल, मुस्लिम नौजवान कमेटी, सेंट्रल मोहर्रम इस्तकबालिया कमेटी, हबीब लकड़ी फंड, ऑल इंडिया मोमिन पंचायत, मिल्लत क्लब, मरहबा ह्यूमन सोसाइटी, कुल्हाड़ी शाह बाबा दरगाह, हजरत कुतुबुद्दीन शाह बाबा डोरंडा, सेंट्रल मोहर्रम कमेटी डोरंडा, विभिन्न अखाड़ों, दुकानदार समितियों, महावीर मंडल और जिला प्रशासन समेत कई संगठनों ने स्वागत शिविर लगाए। कई स्थानों पर पगड़ी, स्मृति चिह्न और तलवार भेंट कर भी जुलूस का सम्मान किया गया।
पहली बार पूरे शहर में दिखे मोहर्रम के झंडे
सेंट्रल मोहर्रम कमेटी के महासचिव अकीलुर रहमान, मोहम्मद इस्लाम और प्रमुख खलीफा मोहम्मद महजूद ने संयुक्त रूप से कहा कि इस वर्ष पहली बार पूरे रांची शहर में बड़े पैमाने पर मोहर्रम के झंडे और बैनर लगाए गए। उन्होंने इसका श्रेय कमेटी के नौजवान अध्यक्ष जमशेद अली उर्फ पप्पू गद्दी और उनकी टीम को दिया।
जमशेद अली उर्फ पप्पू गद्दी ने कहा कि शहरभर में लगाए गए झंडे और बैनर उनकी पूरी टीम की सामूहिक मेहनत का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि सभी युवाओं के सहयोग से इस बार पूरे रांची में मोहर्रम का अलग ही माहौल देखने को मिला।
