रांची: झारखंड की राजधानी में व्यापारियों को मिल रही धमकियों और रंगदारी की कॉल्स ने व्यापार जगत की चिंता बढ़ा दी है। इसी गंभीर विषय पर समाधान तलाशने के लिए शनिवार को चेंबर भवन में ‘झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स’ और जिला पुलिस के आला अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक संपन्न हुई। बैठक में सिटी एसपी पारस राणा, सिटी डीएसपी केवी रमन और कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने व्यापारियों के साथ सीधे संवाद किया।

व्यापारियों में ‘भय’ खत्म करना पहली प्राथमिकता

चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने बैठक की शुरुआत करते हुए कहा कि हाल के दिनों में रंगदारी और धमकी भरी कॉल्स ने व्यापारियों के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा किया है। उन्होंने हालिया आपराधिक घटनाओं के त्वरित खुलासे के लिए पुलिस की तारीफ तो की, लेकिन साथ ही एक ‘जीरो टॉलरेंस’ मैसेज देने की जरूरत पर भी बल दिया। मल्होत्रा ने मांग की कि पुलिस प्रशासन को स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि झारखंड में अपराध के लिए कोई जगह नहीं है।

पुलिस की सुरक्षा रणनीति : आधुनिक तकनीक और सतर्कता

सिटी एसपी पारस राणा ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने विशेष रूप से व्हाट्सएप कॉल और इंटरनेट मैसेज के जरिए मिल रही धमकियों पर तकनीकी जांच तेज करने की बात कही। एसपी ने व्यापारियों से अपील की:

  • डरें नहीं: किसी भी प्रकार की धमकी मिलने पर उसे दबाएं नहीं, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचित करें।

  • सुरक्षा तकनीक: अपनी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। विशेष रूप से मोशन सेंसर आधारित कैमरे और अलार्म सिस्टम का उपयोग करें, जो रात के समय संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दे सकें।

प्रमुख मांगें और सुझाव

बैठक में चेंबर की ओर से शहर में पेट्रोलिंग (गश्ती) वाहनों की संख्या बढ़ाने, नए थानों के निर्माण और खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय करने की मांग रखी गई। पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने शहर में सक्रिय ‘अवैध कब्जा गिरोह’ पर कड़ा प्रहार करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जब तक अपराधियों को दंड का भय नहीं होगा, उनका मनोबल बढ़ता रहेगा।

पुलिस-समाज समन्वय पर जोर

बैठक में पूर्व अध्यक्ष अरुण बुधिया, अंचल किंगर, और अन्य सदस्यों ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। पुलिस अधिकारियों ने इन सुझावों पर विचार करने और उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया। बैठक का मुख्य निष्कर्ष यही रहा कि पुलिस और समाज (विशेषकर व्यापारी वर्ग) के बीच जितना बेहतर समन्वय होगा, अपराध पर लगाम उतनी ही जल्दी लगेगी। इस बैठक में चेंबर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया सहित कार्यकारिणी के दर्जनों सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने सामूहिक रूप से रांची की विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद करने का संकल्प दोहराया।

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