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108 एंबुलेंस पर मौत का आरोप, एफआईआर के बाद श्मशान से राख तक पहुंची पुलिस

Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिले में 108 एंबुलेंस सेवा की कथित लापरवाही के कारण एक मरीज की मौत का मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर गंभीर रूप ले चुका है। घटना के बाद जहां राज्य सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए जा

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Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिले में 108 एंबुलेंस सेवा की कथित लापरवाही के कारण एक मरीज की मौत का मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर गंभीर रूप ले चुका है। घटना के बाद जहां राज्य सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं पुलिस ने एंबुलेंस सेवा से जुड़े तीन कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने भी एंबुलेंस संचालन करने वाली एजेंसी से जवाब तलब किया है।

जानकारी के अनुसार, पटमदा थाना क्षेत्र के जोड़सा गांव निवासी संतोष कुंभकार की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा को फोन कर मदद मांगी थी। आरोप है कि एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची और मौके पर पहुंचे चालक व तकनीशियन ने भी मरीज को अस्पताल ले जाने में गंभीर लापरवाही बरती। इलाज में हुई देरी के कारण संतोष कुंभकार की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया तथा मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया।

सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देश पर पटमदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. राजीव कुमार सिंह की शिकायत के आधार पर 108 एंबुलेंस सेवा के क्लस्टर लीडर आलोक कुमार, चालक निलेश कुमार और तकनीशियन सुजीत कुमार के खिलाफ पटमदा थाना में एफआईआर दर्ज की गई है।

एफआईआर दर्ज होने के बाद सोमवार को पटमदा थाना प्रभारी विष्णुचरण भोगता जांच के लिए जोड़सा गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पूछताछ में पता चला कि मृतक का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था और अंतिम संस्कार पहले ही गांव में कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस श्मशान घाट पहुंची और वहां से राख के नमूने एकत्र किए। थाना प्रभारी ने बताया कि नमूनों को वैज्ञानिक जांच के लिए रांची स्थित फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए एंबुलेंस सेवा संचालित करने वाली एजेंसी को नोटिस जारी किया है। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने एजेंसी को दो दिनों के भीतर घटना पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। विभागीय जांच भी समानांतर रूप से जारी है।

घटना को लेकर पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और आपातकालीन सेवाओं में लापरवाही के कारण एक व्यक्ति की जान चली गई। इस घटना के बाद जिले में 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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