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मोटर दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मिले मुआवजा, पीडीजे ने बीमा कंपनियों को दिए सख्त निर्देश

Lohardaga news: मोटर दुर्घटना दावा (एमएसीटी) मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन तथा आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे)

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Lohardaga news: मोटर दुर्घटना दावा (एमएसीटी) मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन तथा आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पीडीजे) कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) राजकमल मिश्रा ने की।

बैठक में डालसा सचिव मनोरंजन कुमार, बीमा कंपनियों के अधिवक्ता तथा पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता उपस्थित रहे। बैठक में न्यायालय में लंबित मोटर दुर्घटना दावा मामलों के शीघ्र निस्तारण, पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराने तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। पीडीजे राजकमल मिश्रा ने बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं को निर्देश दिया कि वे लंबित मामलों में आवश्यक दस्तावेज समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करें, अनावश्यक स्थगन से बचें तथा आपसी समन्वय के साथ मामलों के शीघ्र निष्पादन में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि मोटर दुर्घटना के पीड़ितों और उनके आश्रितों को समय पर न्याय एवं उचित मुआवजा उपलब्ध कराना न्यायपालिका की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी पक्षों के सहयोग से लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण संभव होगा और पीड़ित परिवारों को शीघ्र राहत मिल सकेगी।

बैठक में बीमा कंपनियों के अधिवक्ताओं ने भी न्यायालय को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान मोटर दुर्घटना दावा मामलों के प्रभावी संचालन से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में 12 सितंबर को आयोजित होने वाली वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। पीडीजे ने अधिवक्ताओं से अधिक से अधिक मामलों को आपसी सहमति से लोक अदालत में निष्पादित कराने का आह्वान किया, ताकि आम लोगों को त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय मिल सके। बैठक में अधिवक्ता डॉ. प्रमोद कुमार पुजारी, सी.पी. पाठक, मोतीलाल, राकेश अखौरी, लाल दीपक कुमार, पंकज कुमार अग्रवाल, शशांक कुमार, लाल धर्मेंद्र देव तथा कुमार चंद्रशेखर सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।

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