रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन जनहित के मुद्दों के नाम रहा। प्रश्नकाल के दौरान चतरा के प्रतापपुर प्रखंड में धान खरीद केंद्रों (पैक्स) पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों और जेपीएससी (JPSC) अभ्यर्थियों की उम्र सीमा को लेकर सदन में तीखी चर्चा हुई। सरकार ने दोनों ही मामलों में राहत देने के संकेत दिए हैं। चतरा विधायक जनार्दन पासवान ने सदन में प्रतापपुर प्रखंड के चार पैक्सों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने इन पैक्सों के खिलाफ पहले प्राथमिकी दर्ज कराई थी, लेकिन जांच में कुछ भी गलत नहीं मिलने के बाद अब उन्हें अधर में छोड़ दिया गया है।
इस पर मंत्री इरफान अंसारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि शुरुआत में धान का स्टॉक न मिलने पर कार्रवाई की गई थी। हालांकि, बाद में जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO) की विस्तृत जांच में पाया गया कि धान गायब नहीं था, बल्कि उसे मिलों में जमा कराया जा चुका था। मंत्री ने स्वीकार किया कि यह विभागीय लापरवाही का मामला था। विधायक की मांग पर उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि इन चारों पैक्सों को फिर से धान खरीदने की अनुमति दे दी जाएगी।
JPSC उम्र सीमा: हजारों छात्रों को राहत की उम्मीद
सदन में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने उठाया। उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में अधिकतम उम्र सीमा की गणना को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता जताई। यादव ने तर्क दिया कि नियमित परीक्षाएं न होने के कारण कई मेधावी छात्र आवेदन की पात्रता खो चुके हैं। उन्होंने मांग की कि जो लाभ उच्च न्यायालय से कुछ छात्रों को मिला है, वही लाभ सरकार सभी गरीब और पात्र अभ्यर्थियों को स्वतः प्रदान करे।
जवाब में संसदीय कार्यमंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि सरकार इस मुद्दे के प्रति बेहद संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद की बैठकों में इस पर विचार किया गया है और सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रही है जिससे किसी भी योग्य छात्र का भविष्य खराब न हो और सभी को उम्र सीमा में राहत का लाभ मिले।



