रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक से जुड़े मामलों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब पेपर लीक के मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों के बजाय विशेष अदालत यानी स्पेशल कोर्ट में की जाएगी। इससे इन मामलों की कानूनी प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
पेपर लीक मामलों के लिए अलग कोर्ट
राज्य में अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामलों को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी रही है। पेपर लीक का सीधा असर परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं पर पड़ता है। ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट का गठन किया जाएगा।
एक ही कोर्ट में होगी सुनवाई
स्पेशल कोर्ट बनने के बाद पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई विशेष अदालत में होगी। इससे मामलों की सुनवाई को प्राथमिकता मिलने और प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
हालांकि, किसी मामले का स्पेशल कोर्ट में जाना यह साबित नहीं करता कि आरोपी दोषी है। जांच और सुनवाई के बाद अदालत में आरोप साबित होने पर ही आरोपी की कानूनी जिम्मेदारी तय होगी।
अभ्यर्थियों की नजर अब कार्रवाई पर
पेपर लीक मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और अदालत में चल रही प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों की नजर बनी हुई है। स्पेशल कोर्ट के गठन के बाद अब यह देखना होगा कि मामलों की सुनवाई कितनी तेजी से होती है और दोषियों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।




