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रांची: रांची रेल मंडल में नशे के सौदागरों के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। शुक्रवार को आरपीएफ ने ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हटिया रेलवे स्टेशन से साढ़े सात किलोग्राम गांजे के साथ एक तस्कर को दबोच लिया। बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 75 हजार रुपये बताई जा रही है।
प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध हालत में मिला आरोपी
आरपीएफ के अनुसार, रांची मंडल के कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए स्टेशनों पर विशेष सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान हटिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर जवानों की नजर एक बुजुर्ग व्यक्ति पर पड़ी, जो हल्के हरे रंग के ट्रॉली बैग के साथ बेहद घबराया हुआ और संदिग्ध स्थिति में बैठा था।
संदेह होने पर जब उपनिरीक्षक दीपक कुमार और उनकी टीम ने उससे पूछताछ की, तो वह सही जवाब नहीं दे पाया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि उसके बैग के भीतर प्लास्टिक में लिपटा हुआ गांजा छिपा है। इसकी सूचना तुरंत आरपीएफ रांची के एएससी अशोक कुमार सिंह को दी गई।
9 पैकेटों में भरा था नशा
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में जब आरोपी के ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई, तो उसके अंदर से भूरे रंग के प्लास्टिक में लिपटे कुल नौ पैकेट बरामद हुए। वजन करने पर गांजे की कुल मात्रा 7.5 किलोग्राम निकली। गिरफ्तार तस्कर की पहचान 60 वर्षीय मोहन प्रसाद के रूप में हुई है, जो बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल (नागा रोड) का रहने वाला है।
ओडिशा से बिहार तक फैला है नेटवर्क
पूछताछ के दौरान आरोपी ने तस्करी के इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया। उसने बताया कि वह यह गांजा ओडिशा के संबलपुर (धनपाली क्षेत्र) से रंजीत कुमार पंडित नामक व्यक्ति से लेकर आ रहा था और इसे रक्सौल पहुंचाने की योजना थी। आरपीएफ ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी और जब्त माल को आगे की तफ्तीश के लिए जीआरपी हटिया को सौंप दिया है।
आरपीएफ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों और रेलवे परिसर का उपयोग मादक पदार्थों की तस्करी के लिए करने वालों के खिलाफ यह अभियान और तेज किया जाएगा।

