रांची: शहर की प्रमुख सड़कों पर बिजली के खंभों से बेतरतीब लटकते और दुर्घटनाओं को न्योता देते तारों के मकड़जाल को व्यवस्थित करने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने सख्त कदम उठाया है। निगम के विद्युत आपूर्ति अंचल, रांची (कुसई कॉलोनी, डोरंडा) द्वारा आधिकारिक नोटिस जारी करते हुए दूरसंचार कंपनियों, ब्रॉडबैंड एजेंसियों और ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) ऑपरेटरों से बिजली के खंभों पर केबल ले जाने के लिए विधिवत अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
कांके रोड से अरगोड़ा चौक तक के 580 पोलों के लिए योजना
यह प्रक्रिया रांची शहर के एक प्रमुख और व्यस्ततम रूट के लिए शुरू की गई है। इसमें कांके रोड स्थित राम मंदिर चौक (प्रेमसंस मोटर) से शुरू होकर किशोरगंज चौक, सहजानंद चौक, हरमू चौक होते हुए अरगोड़ा चौक तक का दायरा शामिल है। इस पूरे मार्ग पर लगभग 580 बिजली के खंभे स्थित हैं। संबंधित टेलीकॉम व इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को नोटिस जारी होने के सात कार्यदिवसों के भीतर, यानी 31 अक्टूबर 2026 तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन जमा करना अनिवार्य किया गया है।
एक खंभे पर सिर्फ 8 केबल की अनुमति, टैगिंग होगी अनिवार्य
बिजली आपूर्ति और सार्वजनिक सुरक्षा में कोई बाधा न पहुंचे, इसके लिए JBVNL ने कई कड़े नियम तय किए हैं:
- सीमित संख्या: किसी भी एकल बिजली पोल पर अधिकतम आठ (8) केबल लगाने की ही अनुमति दी जाएगी। यदि आवेदकों की संख्या आठ से अधिक होती है, तो तकनीकी व्यवहार्यता को ध्यान में रखते हुए सबसे अधिक किराया देने वाली कंपनी को प्राथमिकता दी जा सकती है।
- तकनीकी विवरण: आवेदन में केबल की संख्या, मोटाई, प्रति यूनिट लंबाई का भार और अन्य तकनीकी ब्योरा स्पष्ट रूप से देना होगा।
- टैगिंग व सुरक्षा मानक: हर केबल पर तय दूरी पर स्पष्ट टैग या पहचान चिह्न लगाना अनिवार्य होगा, ताकि अवैध केबलों की तुरंत पहचान हो सके।
- कोर्ट के आदेश और सेफ्टी क्लीयरेंस: केबल लगाने के दौरान न्यूनतम ग्राउंड क्लीयरेंस और विद्युत सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा, जो माननीय उच्च न्यायालय द्वारा W.P (PIL) No. 4313/2025 में पारित आदेशों के अनुरूप होना चाहिए।
पूरे रूट का लेना होगा अनुबंध, खुद उठाना होगा खर्च
नियमों के तहत कंपनियों को तय स्ट्रेच के सभी 580 खंभों के लिए आवेदन करना होगा; किसी चुनिंदा या आंशिक हिस्से के लिए आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। क्लैंप, ब्रैकेट और अन्य सभी सहायक उपकरणों व स्थापना का खर्च पूरी तरह टेलीकॉम कंपनी को ही वहन करना होगा। इसके अतिरिक्त निर्धारित न्यूनतम वार्षिक किराया और सुरक्षा राशि भी जमा करनी होगी। नियमों की अनदेखी पर जेबीवीएनएल को बिना कोई कारण बताए एनओसी रद्द करने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित रहेगा।




