रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कामकाज को और अधिक पारदर्शी, डिजिटल और प्रभावी बनाने के लिए सोमवार को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सह एनएसएस के राज्य कार्यक्रम समन्वयक राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में निदेशालय कार्यालय में राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की इस बैठक में वित्तीय प्रबंधन और प्रशिक्षण से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए।
बैठक के संबंध में जानकारी देते हुए राज्य नोडल पदाधिकारी सह क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक नीलम आईलीन टोप्पो ने बताया कि वर्तमान में राज्य के 126 प्लस-टू उच्च विद्यालयों में राष्ट्रीय सेवा योजना का सफल संचालन किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप, पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए इन सभी विद्यालयों को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में ‘जीरो बैलेंस सब्सिडियरी अकाउंट’ खोलना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 43 उच्च विद्यालयों ने अपने खाते सफलतापूर्वक खुलवा लिए हैं, जबकि बाकी बचे हुए विद्यालयों में खाता खोलने की प्रक्रिया बहुत तेजी से चल रही है।
इस बैठक में यह भी तय किया गया कि जैसे ही खातों की प्रक्रिया पूरी होगी, एनएसएस मद की उपलब्ध राशि को सीधे संबंधित विद्यालयों के खातों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इसके अलावा, योजना के सुचारू संचालन के लिए सभी 126 विद्यालयों के कार्यक्रम पदाधिकारियों के लिए एक विशेष दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन जेसीईआरटी, रातू में किया जाएगा। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य पदाधिकारियों को एनएसएस की रोजमर्रा की गतिविधियों के बेहतर संचालन, वित्तीय प्रबंधन, सटीक लेखा संधारण (अकाउंट की देखरेख) तथा पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम यानी पीएफएमएस (PFMS) प्रणाली की बारीकियों से रूबरू कराना है, ताकि भविष्य में फंड के उपयोग को लेकर कोई तकनीकी बाधा न आए।
प्रशासनिक स्तर पर काम को आसान बनाने के लिए एक और बड़ा निर्णय लिया गया है। अब राज्य स्तर, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय स्तर और सीधे विद्यालय स्तर पर विशेष ‘एनएसएस कोषांग’ (NSS Cell) का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य नोडल पदाधिकारी के कार्यालय को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सभी जरूरी संसाधनों की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से करने पर सहमति बनी है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विनय कुमार, अलका जायसवाल, कुमार हर्ष और डॉ. किशोर सुरिन जैसी सलाहकार समिति की प्रमुख हस्तियां और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद रहे।




