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Patna: बिहार में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सीएम नीतीश कुमार खुद जमीनी स्तर पर सक्रिय नजर आ रहे हैं। शनिवार को सीएम ने पटना स्थित बिहार वेटनरी कॉलेज परिसर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने नवनिर्मित पशुपालन निदेशालय और राज्य स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र के भवन का बारीकी से निरीक्षण किया। सीएम का यह दौरा केवल एक औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि राज्य के किसानों और पशुपालकों को आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
किसानों के लिए बनेगा ‘ज्ञान का केंद्र’ : निरीक्षण के दौरान सीएम ने विशेष रूप से ‘फार्मर्स ट्रेनिंग हॉल’ का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस केंद्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल कागजों पर न हों, बल्कि नियमित रूप से आयोजित किए जाएं। नीतीश कुमार ने कहा, “इस केंद्र के जरिए राज्य के किसान आधुनिक पशुपालन तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को सीख सकेंगे। जब हमारे किसान प्रशिक्षित होंगे, तभी उनकी आय बढ़ेगी और बिहार आत्मनिर्भर बनेगा।”
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सुरक्षा और स्वच्छता पर सख्त निर्देश : भवन के निर्माण की गुणवत्ता देख सीएम ने संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने परिसर की चहारदीवारी (Boundry Wall) को और ऊंचा कराने को कहा ताकि सुरक्षा मजबूत रहे। सीएम ने पूरे परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया।
पशुपालकों के हित में बड़ी पहल : यह नया भवन और प्रशिक्षण केंद्र बिहार के लाखों पशुपालकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यहाँ उन्हें उन्नत नस्ल के पशुओं की देखभाल, दूध उत्पादन बढ़ाने के तरीके और पशु रोगों से बचाव की आधुनिक जानकारी दी जाएगी। सीएम के इस दौरे के समय विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिन्हें सीएम ने स्पष्ट कर दिया कि इस बुनियादी ढांचे का अधिकतम लाभ सीधे राज्य के गरीब और मध्यम वर्गीय किसानों तक पहुंचना चाहिए।

