अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Patna: बिहार की सियासत में आज का दिन बेहद अहम रहा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी पांच उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस मौके पर पटना विधानसभा का माहौल किसी उत्सव जैसा था, जहाँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा समेत गठबंधन के तमाम बड़े नेताओं ने अपनी मौजूदगी से एकजुटता का संदेश दिया।
Read more: एक बार सीएम बन जाऊं…. निजी स्कूल-अस्पताल को सरकारी करूंगा: पप्पू यादव
मंदिरों में मत्था टेक ली ‘शक्ति’— नामांकन से पहले भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का एक अलग ही रूप देखने को मिला। उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पारी के लिए आध्यात्मिक आशीर्वाद को प्राथमिकता दी। सुबह-सुबह वे पटना के बांसघाट स्थित काली मंदिर और गोलघर स्थित माँ अखंडवासिनी मंदिर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने प्रसिद्ध महावीर मंदिर में वीर हनुमान और भगवान शंकर की विधिवत पूजा-अर्चना की।
‘बिहार मेरी आत्मा में बसा है’— पूजा के बाद मीडिया से मुखातिब नितिन नवीन काफी भावुक नजर आए। उन्होंने बिहार से अपने रिश्तों पर जोर देते हुए कहा, “व्यक्ति अपनी जड़ों को छोड़कर कभी बड़ा नहीं हो सकता। जब आपकी जड़ें मजबूत होंगी, तभी आपका वट वृक्ष बड़ा और छायादार बनेगा।” उन्होंने आगे कहा कि बिहार केवल उनकी कर्मभूमि नहीं बल्कि उनकी आत्मा में बसा है और वे जहां भी रहें, बिहार की इस उपजाऊ जमीन को सींचते रहना ही उनका लक्ष्य है।
अमित शाह की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह— नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति ने यह साफ कर दिया कि भाजपा के लिए बिहार और नितिन नवीन का कद कितना महत्वपूर्ण है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और एनडीए के अन्य घटक दलों के नेताओं ने भी इस दौरान अपनी ताकत दिखाई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन पांचों उम्मीदवारों के नामांकन के बाद बिहार से एनडीए का पलड़ा राज्यसभा में और मजबूत होने जा रहा है।

