पलामू: झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के मनहूं गांव में एक नवजात बच्ची मंदिर के पास धान के खेत की मेड़ पर मिली। बच्ची के शरीर पर कपड़े नहीं थे और उसका जन्म कुछ घंटे पहले ही हुआ था। ग्रामीणों को आशंका है कि बच्ची को वहां किसी गलत उद्देश्य से छोड़ा गया था।
दो महिलाएं मौके से फरार, बच्ची की मां पकड़ी गई
ग्रामीणों के अनुसार, बच्ची की मां दो अन्य महिलाओं के साथ पूजा का सामान लेकर मंदिर के पास पहुंची थी। उसी दौरान पास में मछली पकड़ रहे कुछ युवकों को महिलाओं की गतिविधियों पर शक हुआ। युवकों के शोर मचाने पर दो महिलाएं मौके से भाग गईं, जबकि बच्ची की मां को ग्रामीणों ने पकड़ लिया।
इसके बाद ग्रामीणों ने मुनकेरी गांव के जहीर अंसारी को सूचना दी। जहीर मौके पर पहुंचे और नवजात को गर्म कपड़े में लपेटकर उसकी मां के साथ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया।
बच्ची की हालत गंभीर, आईसीयू में भर्ती
अस्पताल में बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। वहीं, उसकी मां का भी इलाज चल रहा है।
पकड़ी गई महिला की पहचान छतरपुर नगर पंचायत के मंदेया गांव के भल्ही टोला निवासी मंजू देवी के रूप में हुई है। वह रविंद्र उरांव की पत्नी है। महिला के पहले से दो बेटे और दो बेटियां हैं। नवजात उसकी पांचवीं संतान है।
मौके से मिला पूजा का सामान
ग्रामीणों के मुताबिक, महिला के पास मौजूद पॉलीथिन से सिंदूर, बिंदी, कंघी और पूजा-पाठ का अन्य सामान मिला है। मंदिर गांव से दूर खेतों के बीच सुनसान जगह पर स्थित है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
जहीर अंसारी ने घटना की जानकारी छतरपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने शनिवार को बताया कि छतरपुर पुलिस को पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल बच्ची को मंदिर के पास छोड़ने के कारणों की जांच की जा रही है।






