फॉण्ट कनवर्टर NEW

नासा का अंतरिक्ष में कमाल; शून्य गुरुत्वाकर्षण में उगा डाली तीखी मिर्ची!

Washington, (USA): विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र से एक बेहद अनोखी और ऐतिहासिक कामयाबी की खबर सामने आई है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) के जॉनसन स्पेस सेंटर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर दो बेहद खास तस्वीरें साझा की हैं, जिन्हें देखकर हर

अपनी भाषा में पढ़ें

Washington, (USA): विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र से एक बेहद अनोखी और ऐतिहासिक कामयाबी की खबर सामने आई है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) के जॉनसन स्पेस सेंटर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर दो बेहद खास तस्वीरें साझा की हैं, जिन्हें देखकर हर कोई हैरान है। इन तस्वीरों को पोस्ट करते हुए नासा ने बड़े ही दिलचस्प अंदाज में लिखा कि “बागवानी सिर्फ धरती पर ही नहीं होती।” ये तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर चल रहे पौधों से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण और जटिल वैज्ञानिक प्रयोग की सफलता को दर्शाती हैं। नासा भविष्य के लंबे अंतरिक्ष मिशनों, विशेष रूप से चंद्रमा और मंगल (Mars) की ऐतिहासिक मानव यात्राओं की तैयारियों के लिए स्पेस में बागवानी की इस अनोखी तकनीक को लगातार विकसित कर रहा है।

Read more: अंतरिक्ष की गहराई में खिसक रहा है इंसानी दिमाग: रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा

स्पेस स्टेशन के विशेष चैंबर में लहलहाए पौधे

नासा द्वारा इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई पहली तस्वीर में अंतरिक्ष यात्री थॉमस मार्शबर्न आईएसएस के ‘एडवांस्ड प्लांट हैबिटेट’ में उग रही मिर्च के पौधों का बहुत बारीकी से निरीक्षण करते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य उनके ‘प्लांट हैबिटेट-04’ (PH-04) प्रयोग का एक मुख्य हिस्सा है। वहीं, दूसरी तस्वीर में कोलंबस मॉड्यूल के भीतर बने एक विशेष चैंबर में लाल-गुलाबी कृत्रिम रोशनी के बीच लहलहाती हुई मिर्च की फसल को साफ देखा जा सकता है।

माइक्रोग्रैविटी में कैसे संभव हुई खेती?

अंतरिक्ष में इस तरह से कोई भी पौधा उगाना वैज्ञानिकों के लिए एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण कार्य है। अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण न के बराबर होने (माइक्रोग्रैविटी) के कारण पानी वहां सतह पर टिकने के बजाय हवा में तैरने लगता है और बुलबुले का रूप ले लेता है। इस बड़ी समस्या से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ने विशेष ‘प्लांट पिलो’ (Plant Pillows) यानी मिट्टी आधारित छोटे तकियों का इस्तेमाल किया है। ये पिलो पौधों की जड़ों को पोषक तत्व, पानी और हवा का सही संतुलन प्रदान करते हैं। इसके अलावा, पौधों को प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के लिए सूरज की प्राकृतिक रोशनी की जगह विशेष एलईडी लाइट्स से लाल और नीली रोशनी दी जाती है, जिसकी वजह से यह पूरा चैंबर गुलाबी और लाल रंग की चमक से भरा दिखाई देता है।

Read more: 22 साल पहले हुई थी अंतरिक्ष में शादी, अब सामने आया अनसुना सच

अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी

वैज्ञानिकों का मानना है कि अंतरिक्ष में उगने वाले ये पौधे केवल भोजन और पोषण का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने वाले यात्रियों के मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) को बेहतर बनाए रखने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। यह हरी-भरी हरियाली और ताजा भोजन अंतरिक्ष यात्रियों को अकेलेपन के मानसिक तनाव से दूर रखता है और उन्हें पृथ्वी से जुड़े होने का अहसास कराता है। इस वेजी गार्डन की कमान संभालने के लिए पृथ्वी पर मौजूद नासा की टीम 180 से अधिक एडवांस सेंसर्स के जरिए इस पर चौबीसों घंटे लगातार नजर रखती है। नासा की योजना भविष्य में अंतरिक्ष में टमाटर और बेरी जैसी अन्य फसलें उगाने की भी है।

स्पेस स्टेशन पर बना है खास ‘वेजी गार्डन’

नासा ने अंतरिक्ष स्टेशन पर ‘वेजी’ (Veggie) नाम से एक छोटा स्पेस गार्डन विकसित किया है, जो आकार में एक कैरी-ऑन बैग जितना छोटा है। इस सिस्टम में एक साथ छह पौधे उगाए जा सकते हैं। इस छोटे से बगीचे में अब तक लेट्यूस की तीन अलग-अलग किस्में, चाइनीज कैबेज, मिजुना सरसों, लाल रशियन केल और जिनिया के खूबसूरत फूल सफलतापूर्वक उगाए जा चुके हैं। इनमें से कुछ ताजी सब्जियों का स्वाद तो अंतरिक्ष यात्री वहां खुद चख चुके हैं, जबकि कुछ अन्य महत्वपूर्ण नमूनों को आगे के गहन वैज्ञानिक अध्ययन के लिए वापस पृथ्वी पर सुरक्षित भेजा गया है।

Read more: स्पेस मिशन पर खतरा: क्या अंतरिक्ष में मां बनना महिलाओं के लिए सुरक्षित है?

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram