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Jamshedpur news: संस्थापक दिवस के अवसर पर जमशेदपुर पहुंचे एन. चंद्रशेखरन ने वैश्विक हालात, निवेश योजनाओं, रोजगार, एआई और झारखंड में विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान सहित खाड़ी देशों में जारी युद्ध जैसे हालात के बीच टाटा समूह के लिए सबसे पहले कर्मचारियों की सुरक्षा है और व्यापार उसके बाद आता है।
उन्होंने कहा कि चाहे एयर इंडिया हो, समूह की होटल श्रृंखलाएं हों या विभिन्न औद्योगिक इकाइयाँ—हर जगह काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता का असर व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ सकता है, लेकिन समूह ने आपूर्ति शृंखला को लेकर पर्याप्त तैयारी कर रखी है।
चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा स्टील को ईरान से लाइम स्टोन की आपूर्ति होती है, परंतु कंपनी के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार है। इसलिए फिलहाल किसी बड़ी चिंता की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं तो रणनीति में बदलाव संभव है, लेकिन अभी स्थिति नियंत्रण में है।
रोजगार और भविष्य की योजनाओं पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि टाटा समूह में वर्तमान में 11 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि पांच वर्ष पहले यह संख्या लगभग 7.5 लाख थी। अगले पांच वर्षों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 15 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवाओं को विशेष अवसर दिए जाएंगे तथा विविधता को प्राथमिकता दी जाएगी। समूह केवल इंजीनियरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभिन्न योग्यता और कौशल वाले लोगों को शामिल करेगा।
उन्होंने बताया कि समूह कौशल विकास पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है और इसे और बढ़ाया जाएगा। एआई के बढ़ते प्रभाव पर उन्होंने कहा कि नई तकनीक के आने पर रोजगार संकट की चर्चा होती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता नए अवसर पैदा करेगी। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी कंपनियां एआई के माध्यम से टाटा मोटर्स, टाटा पावर और टाटा स्टील के कार्यों में तकनीकी सहयोग देकर नई संभावनाएं विकसित करेंगी।
चंद्रशेखरन ने कार्बन उत्सर्जन में कमी और हरित तकनीक पर भी समूह की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर संस्थापक स्थल होने के कारण समूह के लिए विशेष महत्व रखता है। झारखंड के मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 11 हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई है और इस दिशा में कार्य प्रगति पर है।
संस्थापक दिवस के अवसर पर जमशेदजी नसरवानजी टाटा को उनके जन्मदिवस 3 मार्च पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य कार्यक्रम टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट परिसर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा, उनकी पत्नी अलू मिस्त्री, उनकी दोनों बेटियां, टाटा स्टील के एमडी एवं सीईओ टी. वी. नरेंद्रन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कौशिक चटर्जी, वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदररामन, टाटा स्टील यूआईएसएल के एमडी अतुल भटनागर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी, विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधि, जमशेदपुर के वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। “वन टाटा स्टील, वन विजन” थीम के तहत आयोजित इस समारोह में मुख्य गेट से कार्यक्रम के बाद सभी लोग बिष्टुपुर गोलचक्कर स्थित पोस्टल पार्क में संस्थापक की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे।
इस अवसर अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे,सभी ने संस्थापक को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और शहर में संस्थापक दिवस को लेकर उत्साह का माहौल रहा।

