रांची: राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए बहुचर्चित अर्जुन लिंडा हत्याकांड में अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। रांची सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त कुलदीप की अदालत ने शुक्रवार को मामले के मुख्य दोषी विकास तिर्की को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। अदालत ने सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला दिया। इससे पहले कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर विकास तिर्की को हत्या का दोषी करार दिया था, जिसके बाद उसकी जमानत रद्द कर उसे बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (होटवार जेल) भेज दिया गया था।
खैनी खिलाने के बहाने अलग ले जाकर की थी हत्या
पुलिस में दर्ज प्राथमिकी और अदालती दस्तावेजों के अनुसार, यह पूरी घटना 15 अगस्त 2021 की रात की है। रात लगभग 11 बजे शिकायतकर्ता करण लिंडा अपने भाई अर्जुन लिंडा और अन्य दोस्तों के साथ न्यू लटमा स्थित अपने घर के पीछे बैठकर बीयर पी रहे थे। उस महफिल में विकास तिर्की, सुनील टोप्पो, रंजीत टोप्पो सहित कई अन्य युवक भी मौजूद थे।
इसी दौरान आरोपी विकास तिर्की ने सोची-समझी साजिश के तहत अर्जुन लिंडा को खैनी खिलाने का बहाना बनाकर दोस्तों के समूह से अलग कर लिया। वह अर्जुन के कंधे पर हाथ रखकर उसे नीचे बस्ती की तरफ ले गया। जब काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे, तो दोस्तों और परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। रात के करीब दो बजे दोस्त विकास के घर पहुंचे, लेकिन तब किसी ने दरवाजा नहीं खोला। सुबह तीन बजे जब दोबारा कोशिश की गई, तो विकास अपने घर में सोता हुआ मिला। पूछने पर उसने बहाना बनाया कि अंधेरे में अर्जुन कहीं चला गया और उसे कुछ नहीं पता।
कब्रिस्तान के पास झाड़ियों से मिला था शव
इस घटना के पांच दिन बाद यानी 20 अगस्त 2021 को हवाई नगर क्षेत्र स्थित सोलंकी कब्रिस्तान के पास झाड़ियों से अर्जुन लिंडा का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची जगन्नाथपुर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लिया था। इसके बाद जगन्नाथपुर थाना में कांड संख्या 261/2021 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूती से पेश किया। कोर्ट ने माना कि विकास ही अर्जुन को आखिरी बार अपने साथ लेकर गया था और वही उसकी मौत का जिम्मेदार है। इसी आधार पर अदालत ने उसे दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।




