नगर निगम की टीम ने रजिस्ट्री ऑफिस से मान्या पैलेस तक कई भवनों और प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान स्वीकृत नक्शे, भवनों के इस्तेमाल और अवैध निर्माण की स्थिति का जायजा लिया गया।
तीन दिनों के अंदर जमा करने होंगे दस्तावेज
नगर निगम ने नोटिस पाने वाले भवन मालिकों और प्रतिष्ठान संचालकों को तीन दिनों के अंदर जरूरी दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया है।
सभी को स्वीकृत भवन नक्शा और अन्य कानूनी दस्तावेज नगर निगम के सामने प्रस्तुत करने होंगे। यह समयसीमा नोटिस मिलने की तारीख से लागू होगी।
निगम ने चेतावनी दी है कि तय समय में दस्तावेज जमा नहीं करने पर संबंधित भवनों को सील करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल की भी जांच
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण करना, मंजूर नक्शे से अलग निर्माण करना और जरूरी अनुमति के बिना आवासीय भवनों का व्यावसायिक इस्तेमाल करना नियमों का उल्लंघन है।
ऐसे मामलों में झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और झारखंड भवन उपविधि, 2016 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का पालन करने की अपील
नगर निगम ने सभी भवन मालिकों और प्रतिष्ठान संचालकों से भवन निर्माण और उसके इस्तेमाल से जुड़े नियमों का पालन करने की अपील की है।
जांच अभियान में सहायक नगर निवेशक, कनीय अभियंता और नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। निगम ने कहा कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।




