रांची। राजधानी रांची में आगामी मुहर्रम पर्व को पूरी तरह से शांतिपूर्ण, सुरक्षित, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में शनिवार को समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) सभागार में जिलास्तरीय शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने की।

निर्धारित रूट से ही निकलेगा जुलूस, गाइडलाइंस का पालन जरूरी

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि मुहर्रम का पर्व सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और गहरे सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने सभी अखाड़ा समितियों और मुहर्रम कमेटियों से अपील की कि वे स्थानीय थाना प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें। उपायुक्त ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जुलूस केवल पहले से निर्धारित और पारंपरिक मार्गों से ही निकाला जाएगा। बिना किसी लिखित प्रशासनिक अनुमति के जुलूस के रूट में किसी भी प्रकार का बदलाव करने की इजाजत नहीं होगी। इसके साथ ही उन्होंने उच्च न्यायालय और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने तथा झंडों की ऊंचाई को तय मापदंड के अनुसार ही रखने का आग्रह किया।

माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: एसएसपी

बैठक में मौजूद वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान शहर की कानून-व्यवस्था को बनाए रखना पुलिस प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। एसएसपी ने असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी ने भी शांति व्यवस्था भंग करने, अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ पुलिस बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने अखाड़ा कमेटियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने आस-पास किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति को देखते ही तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

ड्रोन कैमरों से निगरानी और सोशल मीडिया पर कड़ा पहरा

शांति समिति की बैठक में सुरक्षा के आधुनिक उपायों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया की हर गतिविधि पर साइबर सेल और पुलिस की विशेष टीम चौबीसों घंटे पैनी नजर रखेगी। किसी भी प्रकार की भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा, रांची के सभी संवेदनशील इलाकों और जुलूस के पूरे रास्तों की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए की जाएगी।

कमेटियों ने दिए सुझाव, प्रशासन ने दिया आश्वासन

बैठक के दौरान सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, विभिन्न अखाड़ा समितियों, महावीर मंडल और शांति समिति के प्रबुद्ध प्रतिनिधियों ने प्रशासन के सामने अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इसमें मुख्य रूप से जुलूस मार्गों की साफ-सफाई, निर्बाध बिजली आपूर्ति, पेयजल की व्यवस्था, आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा और सुचारू यातायात प्रबंधन जैसे मुद्दे शामिल थे। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने सभी प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनके सुझावों पर त्वरित और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और शांति समिति के सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे।

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