रांची। झारखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन, पारदर्शी और अपडेटेड बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर आयोजित इस वर्चुअल ट्रेनिंग में राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों (AERO) ने हिस्सा लिया।

पावरप्वाइंट प्रस्तुति से सीखी बारीकियां

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने इस अभियान के विभिन्न चरणों, तकनीकी पहलुओं और कानूनी प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही के. रवि कुमार ने फील्ड में काम करने के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को सुना और अधिकारियों की तमाम शंकाओं व जिज्ञासाओं का मौके पर ही समाधान किया।

बीएलओ के कार्यों के सत्यापन की जिम्मेदारी अफसरों पर

संबोधन के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस पूरे पुनरीक्षण कार्यक्रम की सफलता पूरी तरह से ERO और AERO की कार्यकुशलता पर टिकी है। बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और बीएलओ सुपरवाइजरों द्वारा धरातल पर जो भी सर्वे या कार्य किए जा रहे हैं, उनके सटीक सत्यापन (वेरिफिकेशन) की अंतिम जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों की है। उन्होंने हिदायत दी कि सभी जिम्मेदार अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध हो।

फॉर्म भरते समय न लें कोई दस्तावेज: के. रवि कुमार

नियमों को स्पष्ट करते हुए के. रवि कुमार ने एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया कि गणना फॉर्म (इन्यूमरेशन फॉर्म) भरते समय जनता से किसी भी प्रकार के सहायक दस्तावेज प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई फॉर्म आंशिक रूप से (आधा-अधूरा) भी भरा गया है, तो उसे भी स्वीकार कर जमा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी आदेश दिया कि फील्ड में काम करने वाले सभी बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण तय समयसीमा के भीतर ही पूरा किया जाए और यह ट्रेनिंग अनिवार्य रूप से केवल ईआरओ और एईआरओ के द्वारा ही आयोजित की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आगे कहा कि राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए-2) और बीएलओ की आपसी समन्वय बैठकों का आयोजन समय पर होना चाहिए। इन बैठकों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने बैठक की तस्वीरों को ‘बीएलओ ऐप’ पर अनिवार्य रूप से अपलोड कराने का निर्देश दिया।

इस उच्चस्तरीय वर्चुअल प्रशिक्षण कार्यक्रम में रांची स्थित मुख्यालय से अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार और अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह भी उपस्थित थे, जिन्होंने तकनीकी और प्रशासनिक इनपुट्स साझा किए।

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