Lohardaga: अखिल भारतीय धोबी महासंघ का राष्ट्रीय अधिवेशन सुकुरहुटू स्थित स्व. रामचंद्र बैठा जीबी मेमोरियल पब्लिक स्कूल परिसर में संपन्न हुआ। प्रदेश अध्यक्ष अवधेश बैठा की अध्यक्षता में आयोजित इस अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।

अधिवेशन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ और साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर व बाबा संत गाडगे महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें सम्मानित किया गया। प्रथम सत्र में विभिन्न राज्यों से आए अध्यक्षों ने अपने-अपने प्रदेशों में चल रहे सामाजिक, शैक्षिक और संगठनात्मक कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने समाज के विकास और जागरूकता अभियान पर प्रकाश डाला।

द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय महासचिव अंता राम ने राष्ट्रीय अधिवेशन की महत्ता पर जोर देते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा और राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की अधिसूचना जारी की। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय प्रेक्षक और राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी की घोषणा भी की।

अधिवेशन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कुमार कनौजिया ने कहा कि देश के 11 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में धोबी समाज अभी भी ओबीसी वर्ग में रखा गया है। इस संबंध में केंद्र और राज्य सरकारों से कई बार मांग की गई, लेकिन अब तक अपेक्षित सफलता नहीं मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब चरणबद्ध आंदोलन के माध्यम से इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में धोबी समाज को अनुसूचित जाति (SC) में शामिल कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

कृष्ण कुमार कनौजिया ने समाज की एकजुटता और जागरूकता की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज का सबसे सशक्त हथियार है। शिक्षा के माध्यम से ही समाज अपने अधिकारों और हकों की सुरक्षा कर सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता व संगठनात्मक एकजुटता के अभाव में समाज कमजोर हुआ है, और इसे पुनः सशक्त करना आवश्यक है।

अधिवेशन में विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों ने भी अपने अनुभव साझा किए और आगामी योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने सामाजिक न्याय और समान अधिकार सुनिश्चित करने के लिए संगठन को सक्रिय बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मंच संचालन उपेन्द्र कुमार रजक और अमित कुमार ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार राजेंद्र आहिरे, राष्ट्रीय महासचिव अंता राम, राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष कन्हैयालाल चौहान, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार आर्य, कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष पंपाणा राव, झारखंड और अन्य राज्यों के सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

अधिवेशन ने इस बात पर भी सहमति बनाई कि सामाजिक, शैक्षिक और संगठनात्मक स्तर पर लगातार काम करके समाज की सशक्त पहचान और अधिकार सुनिश्चित किए जाएं। इससे न केवल धोबी समाज को संवैधानिक लाभ मिलेगा, बल्कि संगठन की कार्यशैली और प्रदेश स्तर पर एकजुटता भी मजबूत होगी।

अधिवेशन के समापन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कुमार कनौजिया ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि आगामी चरणबद्ध आंदोलन में हर सदस्य को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि धोबी समाज के अधिकारों की प्राप्ति सुनिश्चित हो सके।

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