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रांची/रियाद: पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए साल का सबसे प्रतीक्षित समय आ चुका है। सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि वहां रमज़ान का चांद नज़र आ गया है। इस घोषणा के साथ ही खाड़ी देशों में आज रात से विशेष ‘तरावीह’ की नमाजें शुरू हो गई हैं और कल यानी बुधवार, 18 फरवरी को वहां पहला रोज़ा रखा जाएगा।
भारत में कब शुरू होगा रमज़ान
इस्लामी परंपरा के अनुसार, भारत और उपमहाद्वीप के देशों में रमज़ान की शुरुआत आमतौर पर सऊदी अरब के एक दिन बाद होती है। चूंकि सऊदी में चांद आज दिखा है, इसलिए भारत में बुधवार (18 फरवरी) की शाम को चांद देखे जाने की पूरी उम्मीद है। यदि कल शाम भारत में चांद का दीदार होता है, तो:
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कल रात (बुधवार): मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू होगी।
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परसों (गुरुवार, 19 फरवरी): भारत में साल 2026 का पहला रोज़ा रखा जाएगा।
इबादत और रहमत का ‘मौसम-ए-बहार’
रमज़ान का महीना केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह खुद को अनुशासन में ढालने और ऊपरवाले के करीब जाने का ज़रिया है। बाजारों में रौनक बढ़ गई है और घरों में सहरी व इफ्तार की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मस्जिदों को रोशनी से सजाया जा रहा है, जहाँ अगले 30 दिनों तक कुरआन की तिलावत और विशेष प्रार्थनाओं का दौर चलेगा।
इस पवित्र महीने का उद्देश्य समाज में समानता और भाईचारे का संदेश फैलाना है। ज़कात और फ़ित्रा के माध्यम से गरीबों की मदद की जाती है ताकि खुशी के इस अवसर पर कोई भी पीछे न छूटे।

