रांची: झारखंड में मानसून की दस्तक के बावजूद लोगों को राहत मिलने के बजाय भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में बादलों की बेरुखी ने किसानों और आम जनता की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा बुधवार को जारी ताजा और चौंकाने वाले आंकड़ों के मुताबिक, 01 जून से 17 जून के बीच राज्य में सामान्य से 57 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश की इस भारी किल्लत के कारण राज्य के कई हिस्सों में जून के महीने में ही सूखे जैसे हालात नजर आने लगे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, जून के शुरुआती 17 दिनों में झारखंड में महज 29.6 मिलीमीटर ही बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य कोटे से काफी कम है। पर्याप्त बारिश न होने की वजह से पारा एक बार फिर तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है और पूरा राज्य उमस भरी तपिश की चपेट में है।

सिर्फ रांची में राहत, गढ़वा और चतरा में हाहाकार

इस सीजन में अब तक के आंकड़ों को देखें तो केवल राजधानी रांची ही खुशकिस्मत रही है, जहां औसत लक्ष्य के मुकाबले करीब 86.4 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। लेकिन रांची को छोड़ दें तो बाकी के 23 जिलों की स्थिति चिंताजनक है। सबसे बदतर हालात गढ़वा और चतरा जिले के हैं, जहां नाममात्र की वर्षा हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार गढ़वा में इस दौरान करीब 39.5 प्रतिशत और चतरा में 51.4 मिलीमीटर बारिश की उम्मीद थी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट बेहद कमजोर रही।

डाल्टनगंज रहा सबसे गर्म, 18-19 जून को आंधी-बारिश का अनुमान

पिछले 24 घंटों में पूरा राज्य गर्मी से उबलता रहा। पलामू प्रमंडल का डाल्टनगंज 42.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं जमशेदपुर में पारा 39.2 डिग्री, बोकारो में 39.2 डिग्री और चाईबासा में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रांची में भी अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री और न्यूनतम 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि लातेहार में न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

इस भीषण उमस के बीच मौसम विभाग ने एक राहत भरी उम्मीद भी जगाई है। विभाग ने 18 और 19 जून को राज्य के पूर्वी और मध्यवर्ती (सेंट्रल) जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधियां चलने, मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली (वज्रपात) के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस आगामी बारिश से तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी से कुछ हद तक निजात मिल सकती है।

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