डुमरी (गुमला): झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडे शनिवार को अपने परिवार के साथ गुमला जिले के डुमरी प्रखंड स्थित प्रसिद्ध बाबा टांगीनाथ धाम पहुंचीं। यहां उन्होंने भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
पूजा-अर्चना के बाद मंत्री ने टांगीनाथ धाम विकास समिति के सदस्यों के साथ पूरे मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और वहां चल रही व्यवस्थाओं तथा विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने समिति के सदस्यों से विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि बाबा टांगीनाथ धाम को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक सभी कार्यों की सूची तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराई जाए, ताकि सरकार स्तर पर आगे की कार्ययोजना बनाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने धाम के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक त्रिशूल के संबंध में विकास समिति के सदस्यों से जानकारी प्राप्त की। समिति ने उन्हें त्रिशूल से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं, ऐतिहासिक महत्व तथा श्रद्धालुओं की आस्था के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
भ्रमण के दौरान मंत्री की नजर त्रिशूल के समीप स्थित हवन कुंड पर पड़ी, जहां कचरा जमा होने की स्थिति देखकर उन्होंने तत्काल साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही हवन कुंड की सुरक्षा एवं पवित्रता बनाए रखने के लिए उसके चारों ओर सुरक्षा जाली लगाने की भी बात कही।
मंत्री दीपिका सिंह पांडे ने टांगीनाथ धाम विकास समिति के सदस्यों को बैठक के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के लिए जिन-जिन कार्यों की आवश्यकता है, उनका विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार बाबा टांगीनाथ धाम के समग्र विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
इस अवसर पर डुमरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी, टांगीनाथ धाम विकास समिति के सदस्य, थाना प्रभारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मंत्री के दौरे के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में धाम के विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है। लोगों का मानना है कि यदि प्रस्तावों पर शीघ्र अमल होता है तो आने वाले समय में बाबा टांगीनाथ धाम धार्मिक पर्यटन के प्रमुख स्थलों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।




