रांची: सरकारी संपत्तियों पर कब्जा जमाकर किराया न चुकाने वाले दुकानदारों के खिलाफ रांची नगर निगम ने शनिवार को “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई की है। निगम की विशेष टीम ने शहर के विभिन्न व्यावसायिक इलाकों में छापेमारी कर उन दुकानों को सील कर दिया है, जिनके आवंटियों ने बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद लाखों रुपये का बकाया जमा नहीं किया था।
सबसे प्रमुख कार्रवाई अपर बाजार के टीन गली इलाके में हुई। यहाँ अनुज्ञप्तिधारी धर्मचंद्र सतीश कुमार को आवंटित 1158 वर्ग फीट भूमि/दुकान का कुल 4,39,056 रुपये बकाया था। निगम की टीम ने बताया कि इस बकाए को लेकर संबंधित आवंटी को तीन बार कार्यालय नोटिस और अंत में दुकान खाली करने का पत्र भी जारी किया गया था। बावजूद इसके राशि का भुगतान नहीं होने पर आज टीम ने मौके पर पहुँचकर दुकान को पूरी तरह सील कर दिया।
मधुकम और रातू रोड में भी चला निगम का डंडा
कार्रवाई का सिलसिला यहीं नहीं थमा। निगम की टीम ने मधुकम (खादगढ़ा) क्षेत्र में आवंटी आलोक कुमार की दुकान पर भी ताला जड़ा। इन पर निगम का 3,70,156 रुपये बकाया था। वहीं, रातू रोड मार्केट कॉम्प्लेक्स की पहली मंजिल पर स्थित ब्रज किशोर पांडे की दुकान को भी सील कर दिया गया। उन पर 3,22,790 रुपये की राशि लंबे समय से लंबित थी। इन सभी मामलों में निगम ने पूर्व में नोटिस देकर अपना पक्ष रखने और भुगतान करने का मौका दिया था, लेकिन निर्देशों की अनदेखी करने पर सख्त कदम उठाना पड़ा।
उप प्रशासक, रांची नगर निगम ने इस कार्रवाई के माध्यम से सभी आवंटियों को कड़ी चेतावनी दी है। निगम ने अपील की है कि सभी आवंटी अपने मासिक किराए का भुगतान समय पर सुनिश्चित करें। यदि भुगतान में देरी की जाती है, तो झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की सुसंगत धाराओं के तहत न केवल दुकान सील की जाएगी, बल्कि अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) रद्द कर पुनः निविदा (Re-tender) निकालने की कार्रवाई भी की जाएगी।



