Mumbai: महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने प्रिंटिंग प्रेस के डिस्पोजल बॉक्स से खराब प्रश्नपत्रों की कॉपियां निकालकर उन्हें जूतों के अंदर छिपाकर परिसर से बाहर पहुंचाया। इसके बाद ये कॉपियां कथित तौर पर पेपर लीक रैकेट के मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता को सौंप दी गईं। इस मामले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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जांच में क्या सामने आया?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रिंटिंग प्रेस में जिन प्रश्नपत्रों में छपाई की मामूली त्रुटियां या स्याही के निशान होते थे, उन्हें डिस्पोजल बॉक्स में फेंक दिया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि डिस्पोजल एरिया में पर्याप्त निगरानी नहीं थी, जिसका फायदा उठाकर दो कर्मचारियों ने खराब कॉपियां नष्ट होने से पहले ही निकाल लीं।
जूतों में छिपाकर बाहर ले गए प्रश्नपत्र
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रिंटिंग प्रेस में करीब 20 वर्षों से कार्यरत बाबूलाल कुशवाहा ने डिस्पोजल बॉक्स से प्रश्नपत्रों की खराब कॉपियां निकालीं। आरोप है कि उन्होंने एक अस्थायी कर्मचारी की मदद से इन कॉपियों को जूतों के सोल के नीचे छिपाकर परिसर से बाहर पहुंचाया।
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परीक्षा से पहले हुआ था खुलासा
भिवंडी पुलिस ने इस मामले में 26 जून को एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस के अनुसार, TET-2026 परीक्षा से एक दिन पहले सूचना मिली थी कि दिल्ली का एक गिरोह भिवंडी में 1.5 करोड़ रुपये में प्रश्नपत्र बेचने पहुंचा है। इसी सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए कथित पेपर लीक रैकेट का खुलासा हुआ। मामले की जांच जारी है।




