के दुर्गा राव | चांडिल
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में कथित अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने एक पूर्व नेता सह ग्राम प्रधान पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि पिछले चार-पांच वर्षों से क्षेत्र में कथित अवैध बालू कारोबार चल रहा था तो उस दौरान उन्होंने आवाज क्यों नहीं उठाई। उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
रात के अंधेरे में खनन का लगाया आरोप
मधुश्री महतो ने आरोप लगाया कि सुवर्णरेखा नदी से रात के समय जेसीबी, हाइवा और ट्रैक्टर के माध्यम से कथित रूप से बालू का खनन एवं परिवहन किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो इसकी जांच वाहनों, जेसीबी मशीनों, चालान, राजस्व अभिलेख और पूर्व में की गई शिकायतों के आधार पर की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जांच केवल छोटे ट्रैक्टर मालिकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कथित बालू कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल होनी चाहिए।
पांच वर्षों के कार्यकाल की भी हो जांच
जिला परिषद उपाध्यक्ष ने पूर्व नेता के कार्यकाल से जुड़े कथित बालू कारोबार की भी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां यह स्पष्ट करें कि संबंधित अवधि में बालू के कारोबार में किन लोगों की भूमिका थी और किस स्तर पर राजस्व को नुकसान पहुंचा।
उन्होंने कहा कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और यदि अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों की पहचान भी होनी चाहिए।
चावल अनियमितता और ट्रैक्टर जब्ती का भी उठाया मामला
मधुश्री महतो ने कथित चावल अनियमितता का मामला भी उठाया। उन्होंने तिरुलडीह थाना क्षेत्र में एक ट्रैक्टर जब्त किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले की वास्तविकता पुलिस और संबंधित विभाग के अभिलेखों से सामने आनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोप की सच्चाई जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही तय होनी चाहिए।
एलपीजी डीलरशिप मामले की जांच की मांग
उन्होंने कुकरू प्रखंड के परगामा क्षेत्र में कथित एलपीजी डीलरशिप से जुड़े मामले की भी जांच की मांग की। उनका आरोप है कि डीलरशिप से संबंधित गोदाम और शोरूम अलग-अलग स्थानों पर होने की बात सामने आई है। उन्होंने संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।
अपने कार्यकाल के विकास कार्य भी गिनाए
मधुश्री महतो ने अपने चार वर्ष के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्य कराए जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए लगातार काम किया गया है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कथित अवैध बालू खनन, परिवहन और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर राज्यपाल तक शिकायतें की हैं।
पुरानी घटनाओं का भी किया उल्लेख
उन्होंने 12 जुलाई 2025 को सिरुम शहीद चौक के पास ग्रामीणों द्वारा कथित रूप से दो हाइवा पकड़े जाने तथा 18 जुलाई 2025 को कुकरू में पुतला दहन की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की पृष्ठभूमि और उससे जुड़े तथ्यों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मधुश्री महतो ने आरोप लगाया कि बड़े कथित बालू कारोबार को छिपाने के लिए छोटे ट्रैक्टर मालिकों को मोहरा बनाया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की कम से कम पांच वर्षों की अवधि को आधार बनाकर व्यापक जांच कराने की मांग की।
“चोर मचाए शोर” की राजनीति नहीं चलेगी : मधुश्री
मधुश्री महतो ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही कथित अवैध बालू कारोबार पर ज्ञान बांटने की राजनीति जनता के सामने ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर राजनीतिक रूप से इसका जवाब देगी। उन्होंने पूरे मामले में आरोप-प्रत्यारोप के बजाय निष्पक्ष जांच को प्राथमिकता देने की बात कही।




