Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा वर्ष 2022 में आयोजित कनीय अभियंता (डिप्लोमा) भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में विशेष जांच दल (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। SIT ने परीक्षा का संचालन करने वाली नई दिल्ली की एजेंसी ‘बायनसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड’ (Bynsis Technology Pvt Ltd) के वांछित निदेशक व संचालक अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी को 10 अगस्त 2026 को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। आरोपी मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के चिक्सौरा थाना क्षेत्र स्थित खोखुना गांव का रहने वाला है।
परीक्षा शुरू होने से पहले ही वायरल हो गई थी उत्तरमाला
उल्लेखनीय है कि JSSC द्वारा 3 जुलाई 2022 को कनीय अभियंता (डिप्लोमा) के कुल 1,279 पदों पर बहाली के लिए प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन किया गया था। परीक्षा के दिन प्रथम पाली का प्रश्नपत्र शुरू होने से ठीक पहले ही सोशल मीडिया पर उत्तरमाला वायरल हो गई थी। मामले की संवेदनशीलता और धांधली को देखते हुए आयोग ने परीक्षा को रद्द घोषित कर दिया था। इसके बाद अभ्यर्थी मिथिलेश कुमार महतो के लिखित आवेदन पर नामकुम थाने में कांड संख्या 227/22 के तहत धोखाधड़ी, साजिश और आईटी एक्ट सहित बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पटना में अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे उत्तर
मामले के उद्भेदन और सघन जांच के लिए गठित एसआईटी की अनुसंधान में पेपर लीक की घटना की पुष्टि हुई। जांच में पाया गया कि परीक्षा का जिम्मा नई दिल्ली की बायनसिस टेक्नोलॉजी एजेंसी के पास था। पेपर लीक सिंडिकेट के जरिए परीक्षा से पहले पटना में दर्जनों अभ्यर्थियों को जुटाकर प्रश्नोत्तर रटवाए गए थे। जांच के दौरान इस फर्जीवाड़े में परीक्षा संचालन एजेंसी और उसके वरिष्ठ पदाधिकारियों की सीधी संलिप्तता के ठोस साक्ष्य मिले थे।
पूर्व में सीनियर मैनेजर और सिंडिकेट सदस्य जा चुके हैं जेल
एसआईटी इस मामले में पूर्व में भी कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपियों में परीक्षार्थी रंजीत मंडल, सिंडिकेट सदस्य दीपक कुमार, अभिषेक कुमार, दीपक श्रीवास्तव और परीक्षा संचालन एजेंसी का सीनियर मैनेजर कृष्ण कुमार शामिल हैं।
फरार अभियुक्तों की तलाश में छापेमारी जारी
एजेंसी के मुख्य निदेशक अरुण कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य नेटवर्क को खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कांड में शामिल अन्य चिन्हित और फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।





