Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम में झामुमो ने संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह बदलकर एक तरह से नई शुरुआत कर दी है। पार्टी की केंद्रीय समिति ने जिले के पांचों प्रमुख वर्ग संगठनों – युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, व्यवसायी मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा और बुद्धिजीवी मोर्चा – के विस्तार को औपचारिक मंजूरी देते हुए नई जिला समितियों का गठन कर दिया है। जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसे पुष्टि की।
इस बदलाव ने जिले की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि कई अनुभवी चेहरों के साथ युवा नेताओं को भी जगह दी गई है। पार्टी के भीतर जिस बदलाव की चर्चा लंबे समय से चल रही थी, अब वह आधिकारिक रूप से सामने आ चुका है।
युवा मोर्चा: नई टीम में ऊर्जा और नए प्रयोग
युवा मोर्चा की कमान अभिषेक सिंकू को सौंपी गई है। उनके साथ उपाध्यक्ष पद पर अर्जुन मुंडा, कुलदीप महतो और रोहित पांडे जैसे नाम जुड़े हैं। सचिव की जिम्मेदारी मंजीत हसदा को मिली है, जबकि संगठन सचिव बुधराम हेंब्रम बनाए गए हैं। संयुक्त सचिवों और कार्यकारिणी में भी युवाओं की बड़ी भागीदारी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जिला नेतृत्व चाहता था कि 2026 की तैयारियों से पहले युवा मोर्चा को नए सिरे से तैयार किया जाए, ताकि संगठन बूथ स्तर तक मजबूत हो सके।
महिला मोर्चा: अनुभव और जमीनी सक्रियता का मेल
महिला मोर्चा की कमान लक्ष्मी सुरेन के हाथों में गई है। उपाध्यक्ष पद पर प्रो. गीता सुंडी और जोशपिन हमसाय को शामिल किया गया है। सचिव सुमित्रा सिंकू और संगठन सचिव सुखमति बानरा इस टीम को मजबूत आधार प्रदान करेंगी। संयुक्त सचिवों के रूप में पूनम जेराई और मेंजारी मुंडा को जगह दी गई है। इस मोर्चे में कई अनुभवी कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है, क्योंकि पंचायतों से जुड़े मुद्दों पर महिला मोर्चा की भूमिका अहम मानी जा रही है।
व्यवसायी मोर्चा: व्यापारियों में पकड़ बढ़ाने की कोशिश
व्यवसायी मोर्चा की अध्यक्षता प्रेम गुप्ता करेंगे। उपाध्यक्षों में सारिक रज़ा और शंकर निषाद शामिल हैं। सचिव उदय जयसवाल और संगठन सचिव दिलीप जैन को क्षेत्रीय व्यापारिक मुद्दों पर खास फोकस करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिले में व्यापारियों की बढ़ती आवाज को देखते हुए इस मोर्चे का विस्तार बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अल्पसंख्यक मोर्चा: नई रणनीति, नए चेहरे
अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष दिलवर हुसैन बनाए गए हैं। उनके साथ उपाध्यक्षों में मोहम्मद अशरफ और मोहम्मद करीम शेख हैं। सचिव रघुनाथ तीयू और संयुक्त सचिवों में सुखविंदर सिंह गांधी तथा मोहम्मद कमाल अख्तर शामिल हैं। इस मोर्चे में सामुदायिक प्रतिनिधित्व को संतुलित रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
बुद्धिजीवी मोर्चा: थिंक टैंक के रूप में तैयार की जा रही नई टीम
बुद्धिजीवी मोर्चा के अध्यक्ष के तौर पर कैसर परवेज की नियुक्ति बड़ी चर्चा में है। उपाध्यक्षों में रुद्र प्रताप सिंह देव और पवित्रा भट्टाचार्य शामिल हैं। सचिव नरेन्द्र चातोंबा और संगठन सचिव राकेश चौरसिया व हरीश सांडिल को रणनीतिक जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। पार्टी इस मोर्चे को अपनी नीतियों को जनता तक तार्किक ढंग से पहुंचाने का माध्यम मानती है।
जिला झामुमो नेतृत्व ने सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए भरोसा जताया है कि नई टीमें संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाएँगी। अब देखना यह है कि नई जिम्मेदारियों के साथ ये चेहरे आने वाले महीनों में कैसा प्रदर्शन करते हैं।



