Ranchi News: झारखंड सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीद को किसानों की खुशहाली से जोड़कर एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 15 दिसंबर 2025 से राज्य भर में 700 से अधिक धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान की खरीद शुरू की जाएगी। इस पहल से दूर-दराज के गांवों के लाखों किसान सरकारी खरीद व्यवस्था से सीधे जुड़ सकेंगे और बिचौलियों के चंगुल से बचेंगे।

बेहतर दाम, त्वरित भुगतान और बोनस

राज्य कैबिनेट ने झारखंड के किसानों को धान की बिक्री पर शानदार प्रोत्साहन देने का फैसला लिया है। उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ राज्य बोनस मिलाकर ₹2450 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाएगा। इस बोनस के लिए लगभग ₹48.60 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

सबसे बड़ी राहत यह है कि अब धान की खरीद के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में पूरा भुगतान करना अनिवार्य होगा। यह त्वरित भुगतान सुनिश्चित करेगा कि किसानों को अपनी अगली फसल की तैयारी के लिए नकदी की कमी न हो।

डिजिटल ई-उपार्जन से पारदर्शिता

पूरी धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए इस साल दो बड़े बदलाव किए गए हैं:

  1. 48 घंटे में भुगतान: यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को उनका पैसा तुरंत मिले।

  2. 4G POS मशीन का उपयोग: पुरानी 2G POS (पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों को 4G डिवाइस से बदला जा रहा है। इससे इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहतर होगी और भुगतान की गति तेज हो सकेगी।

किसान ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकरण के बाद अपने नजदीकी अधिप्राप्ति केंद्र में सुविधानुसार स्लॉट बुक कर सकते हैं, जिससे भीड़ और प्रतीक्षा समय में कमी आएगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

जिला प्रशासन को स्पष्ट लक्ष्य दिया गया है कि वे अधिक से अधिक पंजीकृत किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों तक लाएं, ताकि उनकी फसल एमएसपी से कम पर बिकने से बचे। इस पहल से झारखंड के लाखों धान उगाने वाले किसानों की इनकम सीधे तौर पर बढ़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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