Ranchi: झारखंड सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग के अधीन भूतत्व निदेशालय ने लंबे समय से बिना सूचना अनुपस्थित चल रहे एक कर्मचारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने निम्नवर्गीय लिपिक राहुल कुमार को सार्वजनिक नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया है। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ सेवामुक्ति समेत विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

आधिकारिक सूचना के अनुसार राहुल कुमार, पिता बुधराम कंवर, ग्राम परसा गोरियाटोली, पोस्ट लवाबार, थाना डुमरी, जिला गुमला के निवासी हैं और भूतत्व निदेशालय में निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर कार्यरत थे। विभाग का कहना है कि वह 23 अगस्त 2018 से बिना किसी पूर्व सूचना, स्वीकृत अवकाश या वैध कारण के लगातार कार्यालय से अनुपस्थित हैं।

निदेशालय के अनुसार कर्मचारी की अनुपस्थिति को लेकर विभाग ने पहले भी कई प्रयास किए थे। उन्हें सेवा में पुनः योगदान देने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए दो अलग-अलग सरकारी पत्र भेजे गए थे। पहला पत्रांक 1373, दिनांक 22 जून 2022 तथा दूसरा पत्रांक 175, दिनांक 17 फरवरी 2026 को जारी किया गया था। विभाग का आरोप है कि दोनों पत्रों के बावजूद राहुल कुमार ने न तो कार्यालय में योगदान दिया और न ही अपनी अनुपस्थिति के संबंध में कोई लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। लगातार संपर्क नहीं होने और जवाब नहीं मिलने के बाद अब विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी कर अंतिम अवसर प्रदान किया है।

नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि 15 दिनों के भीतर राहुल कुमार अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो विभाग यह मानते हुए आगे की कार्रवाई करेगा कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। ऐसी स्थिति में उनके विरुद्ध सेवा नियमों के अनुरूप बर्खास्तगी सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवा में लंबे समय तक बिना अनुमति अनुपस्थित रहना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसलिए निर्धारित समयसीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर मामले का निष्पादन नियमानुसार किया जाएगा।

Share.
Exit mobile version