Ranchi News: झारखंड की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और हाईटेक बनाने की दिशा में हेमंत सोरेन सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के 12 महत्वपूर्ण जिलों में ‘इंटीग्रेटेड पुलिस स्टेशन’ (Integrated Police Station) की परिकल्पना धरातल पर उतरने वाली है। यह कोई साधारण थाना भवन नहीं होगा, बल्कि 6 मंजिला एक ऐसी आधुनिक इमारत होगी जहां जिले के चार सबसे महत्वपूर्ण थाने एक साथ काम करेंगे। इस परियोजना की टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसका शिलान्यास करेंगे।
कौन-कौन से जिले और कौन से थाने होंगे शिफ्ट?
प्रथम चरण में रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका, पलामू, गुमला, चतरा और गढ़वा को इस योजना के लिए चुना गया है। इन आधुनिक भवनों में जिले के महिला थाना, अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (SC-ST) थाना, साइबर अपराध थाना और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) संचालित होंगे। संबंधित जिले के एसपी अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार इन थानों की शिफ्टिंग की कमान संभालेंगे।
6 फ्लोर की बिल्डिंग: काम भी और आराम भी; पुलिसकर्मियों को मिलेंगे रेजिडेंशियल फ्लैट
इस इंटीग्रेटेड पुलिस स्टेशन का नक्शा बेहद शानदार तैयार किया गया है। 6 तल्ले की इस इमारत में नीचे के चार फ्लोर थानों के कामकाज के लिए समर्पित होंगे, जबकि ऊपर के दो फ्लोर पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के आवासीय उपयोग के लिए आरक्षित रहेंगे। भवन के पिछले हिस्से में विशेष फ्लैट्स का निर्माण किया जाएगा, जो महिला पुलिस कर्मियों के लिए आरक्षित होंगे। इससे थानों में तैनात कर्मियों को 24 घंटे ड्यूटी और आवास की सुविधा एक ही स्थान पर मिल सकेगी।
लिफ्ट, सोलर सिस्टम और हाईटेक हाजत; आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर
नया थाना भवन केवल ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि संसाधनों का केंद्र होगा। यहां सीढ़ियों के साथ-साथ लिफ्ट की व्यवस्था होगी। पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। ऊर्जा की बचत के लिए सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। इसके अलावा, आगंतुकों के लिए सुसज्जित वेटिंग रूम, काउंसिलिंग कक्ष और आधुनिक हाजत की व्यवस्था होगी। पुलिस मुख्यालय की इस अनुशंसा को राज्य सरकार ने हरी झंडी दे दी है, जिससे अब आम जनता को अलग-अलग थानों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी और एक ही परिसर में उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा।



