फॉण्ट कनवर्टर NEW

मनी लॉन्ड्रिंग केस: ED की कार्रवाई पर रोक बरकरार, झारखंड HC ने ED से मांगा जवाब

रांची: मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के एक बेहद चर्चित और कानूनी रूप से पेचीदा मामले में झारखंड हाईकोर्ट से आरोपित अमर मंडल को बड़ी अंतरिम राहत मिली है। न्यायमूर्ति जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने अमर मंडल की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते

हाईकोर्ट
हाईकोर्ट

अपनी भाषा में पढ़ें

रांची: मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के एक बेहद चर्चित और कानूनी रूप से पेचीदा मामले में झारखंड हाईकोर्ट से आरोपित अमर मंडल को बड़ी अंतरिम राहत मिली है। न्यायमूर्ति जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने अमर मंडल की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) से इस पूरे मामले में विस्तृत जवाब तलब किया है। उच्च न्यायालय ने विशेष रूप से ईडी से पूछा है कि PMLA की धारा 66 (2) के प्रावधानों के तहत संबंधित अन्य जांच एजेंसी को इस मामले से अवगत कराने अथवा सूचित करने की आवश्यक कार्रवाई की गई है या नहीं। इसके साथ ही अदालत ने अगली सुनवाई तक अमर मंडल के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या दबावपूर्ण कार्रवाई पर रोक को बरकरार रखने का आदेश दिया है।

इस मामले की अगली सुनवाई अब से दो सप्ताह बाद मुकर्रर की गई है। अदालत में ED की तरफ से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने अपना पक्ष रखा। गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान भी हाईकोर्ट ने अमर मंडल के विरुद्ध ED द्वारा दर्ज मामले (ECIR/RNZO/08/2023) पर आगे की सभी कार्यवाहियों को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया था।

पूरा मामला अमर मंडल द्वारा उच्च न्यायालय में दायर की गई एक क्रिमिनल रिट याचिका और उसके बाद दाखिल की गई हस्तक्षेप याचिका (IA) से जुड़ा है। याचिका में प्रार्थी ने ED द्वारा दर्ज मुकदमे को पूरी तरह से निरस्त (क्वैश) करने का पुरजोर आग्रह किया है। अमर मंडल की ओर से अदालत में दलील दी गई कि जिस मूल आपराधिक मामले (प्रिडिकेट ऑफेंस) को आधार बनाकर ED ने उनके खिलाफ यह मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था, उस मूल केस में वे पहले ही न्यायालय द्वारा ससम्मान बरी (दोषमुक्त) हो चुके हैं।

अदालत में बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक ‘विजय मदनलाल चौधरी बनाम भारत सरकार’ मामले के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति मूल अपराध में ही बरी हो जाता है, तो उसके खिलाफ ED की कार्यवाही को जारी नहीं रखा जा सकता। रिकॉर्ड के अनुसार, अमर मंडल के खिलाफ पोरैयाहाट थाना में कांड संख्या 7/2019 दर्ज की गई थी, जिसमें निचली अदालत से उन्हें दोषमुक्त घोषित किया जा चुका है। इसी प्रिडिकेट ऑफेंस के आधार पर ED ने अपनी ECIR दर्ज की थी। अब देखना होगा कि दो सप्ताह बाद ईडी अदालत में क्या जवाब पेश करती है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram