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Ranchi: झारखंड में 23 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ चुका है। प्रदेश कांग्रेस ने इस बार चुनावी मैदान में उतरने के साथ-साथ अपने संगठन को एकजुट रखने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि समर्थित उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बागियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसी कड़ी में अनुशासनहीनता के आरोप में मानगो नगर निगम की बागी नेता जेबा खान को छह साल के लिए निलंबित कर दिया गया है। जेबा ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी और पार्टी समर्थित प्रत्याशी सुधा गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नामांकन दाखिल किया था।
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राजधानी रांची की प्रतिष्ठित मेयर सीट पर कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। यहां पार्टी ने पूर्व मेयर और झारखंड महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रमा खलखो पर भरोसा जताया है, जो ‘बेंच’ चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में हैं। पार्टी ने इस सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के चार प्रमुख मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है, जो न केवल चुनावी रणनीति बनाएंगे बल्कि कार्यकर्ताओं में जोश भी भरेंगे।
दिलचस्प बात यह है कि रांची में मुकाबला त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है। एक तरफ कांग्रेस समर्थित रमा खलखो हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा समर्थित रोशनी खलखो (चुनाव चिन्ह: बिस्किट) और झामुमो (JMM) समर्थित सुजीत आनंद विजय कुजूर (चुनाव चिन्ह: ईंट) कड़ी टक्कर दे रहे हैं। हालांकि जेएमएम ने कांग्रेस से अपना उम्मीदवार हटाने का आग्रह किया था, जिसे कांग्रेस ने ठुकरा दिया है।
नगर निकाय चुनाव भले ही गैर-दलीय आधार पर हो रहे हों, लेकिन झारखंड की राजनीति के तीनों बड़े धड़ों—कांग्रेस, बीजेपी और झामुमो ने अपने-अपने समर्थकों को उतारकर इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना दिया है। राज्य में 48 नगर निकायों के लिए मतदान 23 फरवरी को होगा और नतीजों का ऐलान 27 फरवरी को किया जाएगा।

