Ranchi News: झारखंड स्टेट बार काउंसिल के आगामी चुनावों में अब महिला अधिवक्ताओं को 30 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इस फैसले से राज्य के वकीलों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। यह रास्ता तब साफ हुआ जब झारखंड हाईकोर्ट ने वर्तमान सदस्यों की सेवा अवधि बढ़ाने से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया।

हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के 4 दिसंबर के आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने देश की सभी राज्य बार काउंसिलों में कम से कम 30 फीसदी महिला आरक्षण लागू करने का निर्देश दिया था।

अब 25 में से 7 से 8 सीटें महिलाओं के लिए

झारखंड बार काउंसिल में कुल 25 निर्वाचित सदस्य होते हैं। नए नियम के तहत अब इनमें से 7 से 8 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। जहां महिला मतदाताओं की संख्या कम है, वहां 20 प्रतिशत सीटें सीधे चुनाव से और 10 प्रतिशत सीटें को-ऑप्शन के जरिए भरी जाएंगी। फिलहाल झारखंड की मौजूदा बार काउंसिल में एक भी महिला सदस्य नहीं है।

महिला अधिवक्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने इसे लैंगिक समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

इधर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सभी राज्य बार काउंसिलों को 15 दिसंबर तक नए नियमों के अनुसार चुनाव कार्यक्रम घोषित करने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि झारखंड में अब जल्दी ही बार काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया तेज होगी।

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