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बिहार में बड़ा रेल हादसा: नदी के पुल पर मालगाड़ी बेपटरी, 5 डिब्बे नीचे गिरे

Bihar News: पूर्व मध्य रेलवे के आसनसोल मंडल अंतर्गत जसीडीह-सिमुलतला रेलखंड पर शनिवार की देर रात एक भीषण रेल दुर्घटना हुई। जमुई जिले के टेलवा बाजार रेलवे हॉल्ट के पास बड़ुआ नदी के ऊपर बने रेलवे पुल पर सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी के 15

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Bihar News: पूर्व मध्य रेलवे के आसनसोल मंडल अंतर्गत जसीडीह-सिमुलतला रेलखंड पर शनिवार की देर रात एक भीषण रेल दुर्घटना हुई। जमुई जिले के टेलवा बाजार रेलवे हॉल्ट के पास बड़ुआ नदी के ऊपर बने रेलवे पुल पर सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी के 15 डिब्बे पटरी से उतर (Derailed) गए। हादसा इतना जबरदस्त था कि रेल की पटरियां कई मीटर तक उखड़ गईं, जिसके कारण इस मुख्य रूट पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है।

पुल पर मची तबाही: 10 डिब्बे ट्रैक पर पलटे, 5 कोच सीधे नदी में गिरे

जानकारी के अनुसार, सीमेंट से लदी यह मालगाड़ी आसनसोल से झाझा की ओर जा रही थी। रात करीब 11:40 बजे जब ट्रेन बड़ुआ नदी के पुल से गुजर रही थी, तभी अचानक तेज आवाज के साथ उसके 15 डिब्बे डीरेल हो गए। इनमें से 10 डिब्बे पुल पर ही पलट गए, जबकि 5 डिब्बे सीधे नदी में जा गिरे। हादसे के समय धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। गनीमत रही कि यह एक मालगाड़ी थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन रेलवे की संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा है।

यात्री परेशान: जसीडीह और सिमुलतला में खड़ी रहीं कई ट्रेनें

हादसे के बाद अपलाइन पूरी तरह बाधित हो गई, वहीं सुरक्षा कारणों से डाउनलाइन पर भी ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। इसके चलते हावड़ा-दिल्ली मुख्य रूट की कई महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर फंसी रहीं। कड़ाके की ठंड के बीच यात्री रात भर स्टेशनों पर परेशान होते रहे। आसनसोल मंडल की पीआरओ विपुला बौरी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही रिलीफ ट्रेन और इंजीनियरिंग टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया है।

युद्धस्तर पर बहाली कार्य जारी; 10 घंटे बाद परिचालन की उम्मीद

रविवार सुबह से ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में ट्रैक बहाली का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटाने और उखड़ी हुई पटरियों को बिछाने का काम किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, ट्रैक को पूरी तरह ठीक कर परिचालन सामान्य करने में कम से कम 8 से 10 घंटे का समय लग सकता है। फिलहाल तकनीकी टीम इस बात की जांच कर रही है कि हादसा ट्रैक में खराबी के कारण हुआ या मालगाड़ी के किसी डिब्बे में मैकेनिकल फेल्योर था।

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