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झारखंड में 2.87 लाख रिक्त पदों पर नियुक्ति कब? विधानसभा में जयराम ने उठाया सवाल

Ranchi : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को रोजगार और नियुक्ति से जुड़ा मुद्दा सबसे अधिक चर्चा में रहा। झारखंड लोक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो ने गैर-संकल्प के तहत राज्य में 2 लाख 87 हजार रिक्त पदों की

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Ranchi : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को रोजगार और नियुक्ति से जुड़ा मुद्दा सबसे अधिक चर्चा में रहा। झारखंड लोक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो ने गैर-संकल्प के तहत राज्य में 2 लाख 87 हजार रिक्त पदों की स्थिति पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि हर बार सदन में सवाल उठाने पर विभाग की ओर से सिर्फ इतना जवाब दे दिया जाता है कि मामला विचाराधीन है या प्रक्रिया में है। इससे युवाओं और पात्र अभ्यर्थियों को ठोस जानकारी नहीं मिल पाती।

जयराम महतो ने सदन में भावुक स्वर में कहा कि बेरोजगारी के कारण उनके क्षेत्र के दर्जनों युवक मजदूरी करने विदेश गए और वहीं 10–12 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ये मजदूर किसी प्रतिष्ठित नौकरी करने नहीं, बल्कि अपने परिवार की रोज़ी-रोटी चलाने गए थे। यह स्थिति बेहद पीड़ादायक है कि विदेश में गोलीबारी या संघर्ष के बीच मजदूर अपनी पत्नी या परिवार को अंतिम संदेश भेजते हैं और कुछ देर बाद उनके मरने की खबर आ जाती है। घरवालों पर क्या बीतती है, इसे महसूस करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि यह पीड़ा सिर्फ रोजगार की मजबूरी से उत्पन्न होती है। इसलिए सरकार एक प्रभावी कमेटी बनाकर नियमित रूप से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करे, ताकि स्थानीय युवाओं को यहीं रोजगार मिले और उन्हें मजबूरी में बाहर न जाना पड़े।

इस पर जवाब देते हुए कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग के प्रभारी मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि राज्य सरकार पूर्ण पारदर्शिता के साथ नियुक्ति प्रक्रिया चला रही है। अब तक 26 हजार से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं और आगे भी नियुक्ति का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि रिक्तियों को भरने के प्रति सरकार गंभीर है।

हालांकि, जयराम महतो ने सरकार के जवाब पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि केवल कोर्ट के हवाले देकर जवाबी कार्रवाई टालना ठीक नहीं। रोज़गार की वजह से लोगों की जानें जा रही हैं और सरकार अभी तक निजी संस्थानों में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देने की अपनी घोषणा भी लागू नहीं कर सकी है। इसलिए सरकार को जवाब देना चाहिए कि नियुक्ति प्रक्रिया आखिर कब तक पूरी होगी। मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि सदन में रखी गई सूचनाओं को सरकार गंभीरता से ले रही है और जल्द ठोस कार्रवाई की जाएगी।

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