Tehran, Iran: पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि यदि अमेरिकी सेना ने उसके ठिकानों को निशाना बनाया या कोई नया हमला किया, तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब कुवैत ने ईरान की ओर से आए ड्रोन हमलों को विफल करने का दावा किया है।
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ईरानी विदेश मंत्री ने कई देशों से की बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से क्षेत्र को अस्थिर करने वाले किसी भी कदम का जवाब दिया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि अमेरिका या इजराइल के हमलों में खाड़ी का कोई देश शामिल होता है, तो ईरान भी उसी अनुपात में कार्रवाई करेगा।
ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ी चिंता
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान से जुड़े एक सुरक्षा निकाय के मीडिया आउटलेट ने दावा किया है कि यदि अमेरिका ने उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया, तो जवाब में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और इजराइल के तेल एवं गैस क्षेत्रों को निशाना बनाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है। इसकी एक वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका भी बताई जा रही है।
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समुद्री सुरक्षा पर भी बढ़ी चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को निशाना बनाने की धमकी दी है। वहीं कुवैत के उत्तरी हिस्से में ड्रोन के मलबे से कुछ संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने ओमान तट के पास एक टैंकर पर अज्ञात हमले की सूचना दी है, जिससे उसके इंजन रूम को नुकसान पहुंचा।
ट्रंप बोले- समझौते की कोशिश जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैंप डेविड में हुई कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि उनकी टीम ईरान के साथ समझौते की कोशिश कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अब ईरान पर भरोसा नहीं है क्योंकि वह अपनी बात से पीछे हट जाता है। ट्रंप ने कहा कि यदि निकट भविष्य में ईंधन की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो इसकी वजह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनकी प्राथमिकता है।
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