Tehran, Iran: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मिस्र के दामियत्ता बंदरगाह पर बुधवार को जोरदार विस्फोट के बाद दो गैस जहाजों में आग लग गई। शुरुआती रिपोर्टों में घटना को संभावित ड्रोन हमला बताया गया है। हालांकि, मिस्र के अधिकारियों ने अभी तक ड्रोन हमले या इसके पीछे किसी देश अथवा समूह की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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आग की चपेट में आए जहाजों में अमेरिकी कंपनी एनर्जोस इंफ्रास्ट्रक्चर के मालिकाना हक वाला फ्लोटिंग गैस स्टोरेज टैंकर ‘एनर्जोस विंटर’ और ग्रीस की शिपिंग कंपनी गैसलॉग द्वारा संचालित एलएनजी कैरियर ‘गैसलॉग सलेम’ शामिल हैं।
ड्रोन हमले का जताया गया संदेह
समुद्री खुफिया कंपनी एंब्रे के अनुसार, कम से कम एक जहाज को ड्रोन ने निशाना बनाया हो सकता है। एक अन्य समुद्री ट्रैकिंग कंपनी ने भी शुरुआती आकलन में इसे संभावित ड्रोन हमला माना है। हालांकि, इस घटना को किसने अंजाम दिया, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। हूती विद्रोहियों या ईरान की संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दोनों जहाजों की आग पर पाया गया काबू
मिस्र के पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, दोनों जहाजों में आग लगने के बाद तुरंत आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना सक्रिय की गई। कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। मंत्रालय के अनुसार, घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या मौत की पुष्टि नहीं हुई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, शिपिंग सर्विस कंपनी इंचकेप ने बताया कि एलएनजी टर्मिनल पर विस्फोट हुआ था। आग बुझाने के बाद दोनों जहाजों को बंदरगाह से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद अन्य टर्मिनलों पर संचालन फिर शुरू करने की तैयारी की गई।
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चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी एंब्रे के हवाले से बताया गया कि अमेरिकी स्वामित्व वाले फ्लोटिंग स्टोरेज टैंकर को ड्रोन ने निशाना बनाया हो सकता है। जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एनर्जोस इंफ्रास्ट्रक्चर ने भी कहा कि ‘एनर्जोस विंटर’ पर मौजूद सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।
ट्रंप ने ईरान की संभावित भूमिका का किया जिक्र
घटना ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी दी गई है। उन्होंने इसके पीछे ईरान की संभावित भूमिका का संकेत देते हुए कहा कि अगर ऐसा साबित हुआ तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। हालांकि, ईरान की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। साथ ही घटना के पीछे ईरान की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दामियत्ता बंदरगाह स्वेज नहर के करीब स्थित मिस्र का महत्वपूर्ण ऊर्जा और शिपिंग हब है। स्वेज नहर लाल सागर और भूमध्य सागर को जोड़ती है और वैश्विक समुद्री व्यापार में इसकी अहम भूमिका है।





