India News: भारत ने कार्यस्थल पर लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है। वैश्विक वेतन प्रबंधन कंपनी डील (Deel) की नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अब पुरुषों और महिलाओं के वेतन में अंतर दुनिया में सबसे कम रह गया है। रिपोर्ट बताती है कि भारत में पुरुष और महिला कर्मचारियों की औसत सैलरी अब लगभग बराबर है — करीब 13,000 से 23,000 अमेरिकी डॉलर के बीच। इस रिपोर्ट में 150 देशों के एक मिलियन से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट्स और 35,000 कंपनियों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया।
कंपनियों में बढ़ी पारदर्शिता और योग्यता पर फोकस
डील के एशिया-पैसिफिक प्रमुख मार्क सैमलाल ने कहा कि भारत में कंपनियां अब डेटा आधारित और पारदर्शी वेतन संरचना अपना रही हैं। इससे न सिर्फ जेंडर पे गैप घटा है, बल्कि यह दिखाता है कि अब योग्यता और प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जा रही है।
टेक सेक्टर में गिरावट, लेकिन हाइब्रिड वर्क मजबूत
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इंजीनियरिंग और डेटा प्रोफेशनल्स की औसत आय में इस साल गिरावट आई है — 2024 में जहां औसत वेतन 36,000 डॉलर था, वहीं अब यह घटकर 22,000 डॉलर रह गया। हालांकि, हाइब्रिड वर्क मॉडल का चलन अभी भी मजबूत है — करीब 60-70% कर्मचारी फुल-टाइम, जबकि बाकी कॉन्ट्रैक्ट आधार पर काम कर रहे हैं।
दुनिया में भारत का प्रदर्शन सराहनीय
रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा अब भी औसतन सबसे ज्यादा वेतन देने वाले देश हैं। फिर भी, भारत का प्रदर्शन लैंगिक समानता और समान अवसर की दिशा में एक मजबूत संदेश देता है।



