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सद्भाव के रंग में CM आवास : हेमंत-कल्पना ने रोजेदारों संग मांगी राज्य की खुशहाली की दुआ

रांची: कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास मंगलवार शाम एक अलग ही नूर और रूहानियत से सराबोर नजर आया। अवसर था मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आयोजित ‘दावत-ए-इफ्तार’ का, जहाँ सियासत और मजहब की दीवारें गिर गईं और सिर्फ और सिर्फ इंसानी जुड़ाव और सद्भाव का मंजर

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रांची: कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास मंगलवार शाम एक अलग ही नूर और रूहानियत से सराबोर नजर आया। अवसर था मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आयोजित ‘दावत-ए-इफ्तार’ का, जहाँ सियासत और मजहब की दीवारें गिर गईं और सिर्फ और सिर्फ इंसानी जुड़ाव और सद्भाव का मंजर दिखाई दिया। रमजान के इस मुकद्दस महीने में मुख्यमंत्री ने समाज के हर वर्ग को एक दस्तरख्वान पर लाकर राज्य की ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ को और मजबूती दी।

दुआ में उठे हाथ, खुशहाली की मन्नत

शाम का वक्त जैसे ही इफ्तार के करीब पहुंचा, मुख्यमंत्री आवास परिसर में खामोशी और इबादत का माहौल छा गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी धर्मपत्नी, विधायक कल्पना सोरेन ने खुद अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। अजान की गूंज के साथ ही रोजेदारों ने खजूर से अपना रोजा खोला। इसके बाद आयोजित सामूहिक दुआ में मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। इस दौरान अल्लाह से झारखंड की उन्नति, तरक्की, आपसी प्रेम और अमन-चैन की दुआ मांगी गई। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा, “रमजान का यह पवित्र महीना हमें त्याग, तपस्या और मानव सेवा की सीख देता है। यह सिर्फ एक उपवास नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान और करुणा दिखाने का जरिया है।”

सियासी दिग्गज और आम जन एक साथ

इस दावत की सबसे खास बात इसकी सादगी और समावेशिता रही। एक ओर जहाँ विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो और राज्य मंत्रिमंडल के दिग्गज चेहरे जैसे डॉ. इरफान अंसारी, हफीजूल हसन, दीपिका पांडेय सिंह और दीपक बिरुवा मौजूद थे, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में आम नागरिक, बुद्धिजीवी और विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु भी शामिल हुए। सभी ने एक साथ बैठकर इफ्तार किया, जो झारखंड की सामाजिक समरसता की एक बेमिसाल तस्वीर पेश कर रहा था।

विशिष्ट जनों की उपस्थिति

कार्यक्रम में मंत्री राधा कृष्ण किशोर, चमरा लिंडा, संजय प्रसाद यादव, योगेंद्र प्रसाद, सुदिव्य कुमार और शिल्पी नेहा तिर्की सहित कई विधायकों ने शिरकत की। मौके पर उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में कड़वाहट दूर होती है और भाईचारा बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने अंत में समस्त झारखंड वासियों को रमजान की मुबारकबाद देते हुए कहा कि राज्य तभी आगे बढ़ेगा जब हम सभी कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। इफ्तार के बाद रोजेदारों ने नमाज अदा की और देश के उज्जवल भविष्य की कामना की।

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