धनबाद: बरवाअड्डा थाना परिसर शुक्रवार शाम उस समय हंगामे का केंद्र बन गया, जब फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र बनवाने के आरोपी की पैरवी को लेकर विधायक जयराम महतो और मुखिया समर्थकों के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में हाथापाई की भी बात सामने आई है।
मामला बड़ापिछरी पंचायत का है। मुखिया यशोदा देवी ने ग्रामीण गणेश दास पर उनके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर जाति, आवासीय प्रमाणपत्र और वंशावली बनवाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर गणेश दास को गिरफ्तार किया था।
आरोपी के साथ थाने में मारपीट की सूचना मिलने पर विधायक जयराम महतो थाना पहुंचे। विधायक ने थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारियों से करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत की। इसी दौरान मुखिया समर्थकों को इसकी जानकारी मिली और वे भी थाना परिसर पहुंच गए।
इसके बाद मुखिया समर्थकों ने आरोपी की पैरवी को लेकर विधायक से सवाल किए। बात बढ़ने पर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया और थाना परिसर में हाथापाई हो गई।
मुखिया के बेटे ने लगाया गला दबाने का आरोप
मुखिया के बेटे प्रदीप कुमार रजक ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान विधायक जयराम महतो ने उनका गला दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि घटना के बाद उनके गले से खून निकला और कुछ देर सांस लेने में परेशानी हुई।
प्रदीप ने पुलिस से थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि फुटेज से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है।
फिलहाल मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि थाना परिसर में विवाद कैसे शुरू हुआ और हाथापाई के दौरान वास्तव में क्या हुआ।




